बिछिया (बहराइच)। मोतीपुर तहसील क्षेत्र के गांवों में घाघरा (सरयू) नदी ने कटान तेज कर दी है, जिससे गन्ना व धान की 102 बीघा फसल नदी में समा गई। कटान तेज होने से ग्रामीणों में दहशत है। लोगों ने सूचना तहसील कार्यालय पर दी, लेकिन एसडीएम कार्यालय की ओर से बचाव के कोई उपाय नहीं किए जा रहे हैं। वहीं प्रतिदिन बैराज से एक लाख से अधिक क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। इससे समस्याएं और बढ़ती जा रही हैं। वहीं, घाघरा का पानी रेल पटरी छूने को बेताब दिख रहा है।
मोतीपुर तहसील क्षेत्र के चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज से एक हफ्ते से बराबर घाघरा नदी में पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है, जिससे नदी का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। नदी के कछार क्षेत्र में बसे ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कतर्नियाघाट जंगल से निकली कौड़ियाला और गेरुआ नदी से होते हुए पहाड़ों का पानी गिरिजापुरी बैराज में पहुंच रहा है, जिससे बैराज में काफी मात्रा में पानी भर गया है। पानी अधिक होने से बैराज से प्रतिदिन लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
पानी अधिक होने से नदी ने खेेती योग्य जमीन काटनी शुरू कर दी है। मोतीपुर तहसील की ग्राम पंचायत चहलवा के बंगालीपुरवा व दूधनाथपुरवा गांव में नदी तेज कटान कर रही है। गांव निवासी गोविंद की पांच बीघा गन्ने की फसल, सोनमती की 15 बीघा गन्ना व पिपरमिंट, बंधू प्रसाद व हेमवती की 10-10 बीघा गन्ना, लक्ष्मण की सात बीघा गन्ना, जयनारायण की पांच बीघा धान, व्यास की पांच बीघा धान और राजाराक कीपांच बीघा गन्ने की फसल को नदी में कटकर समा गई।
तेज कटान होने की सूचना किसानों ने तहसील मुख्यालय पर दी। लेकिन एसडीएम कार्यालय की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है न ही राजस्व कर्मी कटान से बचाव के कोई उपाय कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि वे लाखों रुपये की लागत लगाकर खेत में फसलों की बोआई कर रहे हैं, लेकिन कटान में मेहनत की जमा पूंजी समाहित हो रही है। वहीं नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गांव के लोग अपना आशियाना समेटने को विवश हैं। उधर लगातार पानी बढ़ने से नदी का जलस्तर मैलानी-नानपारा रेल प्रखंड छूने को बेताब है। पानी पटरियों के पास पहुंच रहा है।
प्रतिदिन छोड़ा जा रहा एक लाख क्यूसेक पानी
गिरिजापुरी बैराज के अवर अभियंता संतराम वर्मा ने बताया कि नेपाल के पहाड़ों पर लगातार बारिश हो रही है। जिससे कौड़ियाला व गेरुआ नदी का जलस्तर बढ़ गया है। बैराज के जलाशयों में पानी अधिक भर गया है। उन्होंने बताया कि एक लाख से अधिक क्यूसेक पानी प्रतिदिन छोड़ा जा रहा है। इसको देखते हुए बीते एक सप्ताह से बैराज का गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। जिससे निचले क्षेत्र में पानी भर रहा है।