बहराइच। नेपाल सीमा से सटा होने के चलते बहराइच काफी संवेदनशील है। प्रदेश में विधानसभा को दहलाने की बड़ी आतंकी साजिश नाकाम हुई है। सीमावर्ती जिला होने के चलते बहराइच में आए दिन आतंकी शरण लेते हैं। यहां पर लश्करे तैयबा के डिप्टी कमांडर का मकान है। वहीं दाऊद इब्राहीम के खानसामा का भी घर है। पूर्व में कई आतंकी पकड़े गए हैं। तीन दिन पूर्व प्रदेश की विधानसभा में विस्फोटक पदार्थ मिलने के बावजूद अब तक जिले की सुरक्षा व्यवस्था की चौकसी को लेकर प्रशासनिक अफसर जागरूक नहीं हैं। डीएम कार्यालय, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, कचहरी व जिला अस्पताल में कहीं भी पुलिसकर्मी नजर नहीं दिखे। कचहरी में सुरक्षा के लिए स्थापित मेटल डिटेक्टर शो-पीस नजर आया। शनिवार को अमर उजाला ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पड़ताल की-
कलेक्ट्रेट भवन- समय 11:00 बजे
कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी कार्यालय है। यहां पर जिले के विकास का तानाबाना बुना जाता है। महत्वपूर्ण अधिकारियों के दफ्तर, कार्यालय भी स्थापित हैं। न्यायालय भी संचालित है। लेकिन यहां पर जिलाधिकारी की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी उनके कार्यालय पर मिले। जबकि कलेक्ट्रेट भवन के मुख्य द्वार पर कोई भी पुलिसकर्मी नजर आया। बेधड़क कोई भी कलेक्ट्रेट के अंदर दाखिल हो सकता है।
जिला अस्पताल - समय 11:30 बजे
बहराइच का जिला अस्पताल मंडल का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां पर बहराइच के अलावा गोंडा, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती और नेपाल के भी मरीज आते हैं। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोगों की भीड़ होती है। कई बार अस्पताल में हंगामा और बवाल हो चुका है। लेकिन यहां भी सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नदारद दिखी। कोई भी पुलिसकर्मी नजर नहीं आया। जबकि अस्पताल में विशेष पुलिस ड्यूटी के आदेश हैं।
दीवानी कचेहरी- समय 11:45 बजे
दीवानी कचेहरी शहर के मध्य स्थित है। यहां पर कई न्यायिक अधिकारियों को दो साल पूर्व धमकी भरे पत्र भी मिल चुके हैं। जिले व अन्य क्षेत्रों के लोगों का प्रतिदिन आवागमन होता है। यहां पर दिखावटी सुरक्षा नजर आई। न्यायालय के मुख्य गेट मेटल डिटेक्टर पास लगा मिला। लेकिन इस मेटल डिटेक्टर के बजाए लोग इधर-उधर से कचेहरी में दाखिल होते दिखे। यहां भी मुख्य द्वार पर पुलिसकर्मी नजर नहीं आए।
रेलवे स्टेशन- समय 12:10 बजे
बहराइच रेलवे स्टेशन भी सुरक्षा की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। लेकिन यहां भी सुरक्षा व्यवस्था नदारद दिखी। हालांकि रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ की चौकियां स्थापित हैं। लेकिन कोई भी सिपाही गश्त करता नहीं दिखा। गौरतलब हो कि बहराइच से नेपालगंज के बीच ट्रेनों का आवागमन भी होता है।
बसअड्डा- समय 12:40 बजे
बहराइच रोडवेज बसअड्डे का निर्माण चल रहा है। लेकिन सुरक्षा व्यवस्था यहां भी तार-तार नजर आई। यात्रियों के अलावा कोई भी पुलिसकर्मी नहीं दिखा। बेखौफ लोग आते-जाते दिखे। जबकि बहराइच से नेपाल से सटे रुपईडीहा, लखीमपुर, दिल्ली, लखनऊ, कानपुर आदि क्षेत्रों को बसों का संचालन होता है।
सघन चेकिंग के हैं आदेश, सिविल ड्रेस में भी हो रही गश्त
लखनऊ विधानसभा में विस्फोटक मिलने के बाद जिले में भी अलर्ट घोषित किया गया है। सभी थानों को सजग करने के साथ ही जिले के महत्वपूर्ण स्थानों पर नियमित गश्त और चेकिंग के आदेश दिए गए हैं। सिविल ड्रेस में भी पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। रेलवे स्टेशन, बसअड्डा व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर रात में नियमित चेकिंग और गश्त करवाई जा रही है। ट्रेन और बसों की भी तलाशी होती है। -सुनील सक्सेना, पुलिस अधीक्षक