महसी (बहराइच)। बाढ़ प्रभावित इलाके में संक्रामक बीमारियां फैलने लगी है। जिससे लोगों की दुश्वारियां और बढ़ गई हैं। क्षेत्र के बिसवां गांव में दो दिन से खसरा फैला हुआ है। खसरे से पीड़ित एक बालिका की इलाज के अभाव में शुक्रवार रात मौत हो गई। वहीं तीन सगे भाई-बहन समेत 13 से अधिक बच्चे बीमार हैं। सूचना के बावजूद अब तक स्वास्थ्य टीम गांव नहीं पहुंची है। जिसके चलते रोगी जिंदगी-मौत से संघर्ष कर रहे हैं।
महसी तहसील अंतर्गत बिसवां गांव बेलहा-बेहरौली तटबंध के निकट स्थित है। यह इलाका बाढ़ प्रभावित परिक्षेत्र में आता है। गांव से बाढ़ का पानी खिसकने के साथ ही संक्रामक रोग पनपने लगे हैं। गांव में दो दिन से खसरा फैला हुआ है। गांव निवासी सर्वेश, लल्लन, राममिलन आदि ने खसरा फैले होने की सूचना क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और सीएमओ कार्यालय पर दी। लेकिन खसरा पीड़ितों के इलाज के कोई इंतजाम नहीं हो सके। इलाज के अभाव में खसरे से कराह रही सर्वेश की चार वर्षीय बेटी संगीता की शुक्रवार रात मौत हो गई। जिससे घर में कोहराम मच गया। परिवारीजनों ने सुबह शव को दफना दिया। उधर गांव निवासी लल्लन के 10 वर्षीय पुत्र अनिल, रूबी (15) व सुनिल (13) खसरे की चपेट में जिंदगी-मौत से जूझ रहे हैं। इसके अलावा गांव के अन्य घरों में बच्चे बुखार व खसरे से कराह रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक बच्चों को पहले तेज बुखार आता है, फिर शरीर में लाल दाने निकल आते हैं। यह लाल दाने कुछ घंटों में ही जख्म बन जाते हैं। जिससे रोगी असहनीय पीड़ा का सामना करते हैं।
तटबंध पर भी बीमार हैं बच्चे
बेलहा-बेहरौली तटबंध पर बसे बाढ़ और कटान पीड़ित परिवारों के बच्चे भी बुखार व डायरिया से ग्रसित हैं। पैसे के अभाव में लोग इलाज नहीं करा पा रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्र काफी दूर है। यहां के लोगों ने भी स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचना दी है। लेकिन अभी तक कोई पहुंचा नहीं है।
टीम भेजकर कराएंगे दवा
बिसवां गांव में खसरा फैलने की जानकारी नहीं थी न ही बच्ची के मौत का पता चला है। अब जानकारी मिली है। संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष की टीम गांव भेजकर बीमार बच्चों का इलाज कराया जाएगा। डॉक्टर गांव में कैंप करेंगे। लापरवाही के मामले की भी जांच कराई जाएगी। -डॉ. अरुण पांडेय मुख्य चिकित्साधिकारी