रंजिश में एक व्यक्ति पर पड़ोसी मोहल्ले के युवक ने वर्ष 2013 में तेजाब फेंक दिया था, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया था। इस मामले में मंगलवार को सुनवाई कर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपी को दोष सिद्ध करार देते हुए 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया।
दीवानी कचहरी के एडीजीसी क्रिमनल फिरोज अहमद खां ने बताया कि कोतवाली नानपारा क्षेत्र के पुरानी बाजार निवासी हरीश कुमार गुप्ता ने कोतवाली नानपारा में तहरीर देकर कहा था कि उसके भाई अमित कुमार गुप्ता की रंजिश मोहल्ला निवासी आकाश पुत्र ढोढ़े चौरसिया से चल रही थी। 23 दिसंबर 2013 को अमित जब मोहल्ले में सोनू की पान की दुकान पर खड़ा था, तभी आकाश ने मौके पर पहुंचकर अमित पर तेजाब से भरी बोतल उड़ेल दी थी, जिससे अमित झुलस गया था।
आसपास के लोगों ने आरोपी आकाश को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह भाग गया। इस मामले में पुलिस ने हरीश की तहरीर पर केस दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
उसी मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरेश चंद्र भारती के न्यायालय पर कोर्ट नंबर चार में हुई। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश सुरेशचंद्र भारती ने आरोपी आकाश चौरसिया को धारा 326 के तहत दोष सिद्ध करार देते हुए 10 साल की सजा सुनाई। साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।