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10 हजार लीटर शराब हो चुकी बरामद

Sat, 11 Feb 2017 10:13 PM IST
अमर उजाला/बहराइच
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बरामद शराब व आराोपी महिला - फोटो : अमर उजाला
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चुनाव में मतदाताओं को रिझाने के लिए शराब परोसी जाती है। चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही शराब की तस्करी भी जिले में अचानक बढ़ गई है। अब तक 10 हजार लीटर शराब बरामद हुई है। 80 लोग गिरफ्तार किए गए हैं, जिसमें 48 महिलाएं शामिल हैं। हालांकि महिलाओं को मौके पर ही जमानत दे दी गई। लेकिन चुनाव के चलते शराब की डिमांड बढ़ी है। पिछले विधानसभा चुनाव में भी बड़े पैमाने पर बलहा, नानपारा और मटेरा क्षेत्र में शराब परोसने के मामले सामने आए थे। इस बार भी वही स्थिति है। हालांकि अब तक कोई केस दर्ज नहीं हुआ है। 
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विधानसभा चुनाव में जिला प्रशासन पूर्ण सख्ती का दावा कर रहा है। पारदर्शितापूर्ण चुनाव की बात कही जा रही है। इसके बावजूद गांव और जंगल से सटे इलाकों में वोटरों को रिझाने के लिए प्रत्याशी और उनके समर्थक शराब का सहारा ले रहे हैं। हालात यह हैं कि शराब की डिमांड अचानक बढ़ी है, जिससे कच्ची शराब का कारोबार तो फैला ही है, नेपाल से भी शराब की तस्करी बढ़ गई है।

आचार संहिता लागू होने से अब तक आबकारी, पुलिस और एसएसबी ने मिलकर छह हजार लीटर कच्ची शराब बरामद की है। जबकि नेपाल के बांके और बर्दिया से तस्करी कर भारत भेजी जा रही चार हजार लीटर कच्ची व नेपाली सौंफी शराब बरामद हुई है। इस कारोबार में 80 लोग गिरफ्तार किए गए, जिनमें 48 महिलाएं शामिल थीं। आबकारी विभाग और पुलिस महकमा भले ही शराब के कारोबार पर शिकंजा कसने का दावा कर रहा है, लेकिन यह दावा हवाहवाई दिख रहा है। घाघरा, सरयू, कौड़ियाला और गेरुआ नदियों के कछार में शराब की भट्ठियां धधक रही हैं।
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मिहींपुरवा के 60 फीसदी इलाके में कच्ची शराब कुटीर उद्योग की तरह फैला हुआ है। वहीं नानपारा के 10, महसी के 13, कैसरगंज के नौ, पयागपुर के 12, हुजूरपुर के 11, फखरपुर के छह, बौंडी के आठ, हरदी के 16, खैरीघाट के 29 गांवों में कच्ची शराब की भट्ठियां धधक रही हैं। लेकिन आबकारी महकमा अंकुश नहीं लगा पा रहा है।

शराब के इस कारोबार का ही प्रतिफल है कि वर्ष 2012 में होने वाले विधानसभा चुनाव में नानपारा, बलहा और मिहींपुरवा में शराब परोसने के मामले सामने आए थे। इस बार भी पिछले चुनाव का फंडा कुछ प्रत्याशी और उनके समर्थक अपनाकर वोट हासिल करने की जुगत में हैं।

वहीं, जिला आबकारी अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने कहा कि चुनाव में शराब का कारोबार बढ़ता है। इसको देखते हुए जिले को दो सेक्टरों में बांटकर छापेमारी करवाई की जा रही है। पूर्वी क्षेत्र में इंस्पेक्टर वाणी विनायक मिश्र व पश्चिमी क्षेत्र में इंस्पेक्टर सुबोध श्रीवास्तव की अगुवाई में छापेमारी चल रही है। पुलिस और एसएसबी की भी मदद ली जाती है। 

शराब कारोबार से जुड़ी महिलाओं की गिरफ्तारी पर उन्हें जेल भेजने की पाबंदी नहीं है। आबकारी अधिनियम में उल्लेख है कि शराब कारोबार में महिलाओं के लिप्त मिलने पर उन्हें मौके पर ही जमानत दी जा सकती है। इसका फायदा जिले की शराब कारोबार से जुड़ी महिलाओं को भी मिल रहा है। 
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