बागपत के शबगा के युवक का कश्मीर में बंधक बनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। महिला जरीफा ने बताया उसके दो बेटों को काम कराने के बहाने जम्मू-कश्मीर में ले जाकर वहां पर बंधक बना लिया। एक बेटा किसी तरह उनके चंगुल से निकलकर आया है। दूसरा बेटा आरोपियों के कब्जे में है। उस पर गलत कार्य कराने का दबाव बनाया जा रहा है। मना करने पर आरोपी उसे किसी आतंकी संगठन में दर्शाकर हत्या कराने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित ने एसपी दफ्तर पर पहुंचकर एएसपी से बेटे को सकुशल बरामद कराने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
छपरौली क्षेत्र के शबगा गांव की महिला जरीफा पत्नी नासिर के शिकायत पत्र के मुताबिक उसके दो बेटे अब्बास और शाहरुख को गांव का ही एक युवक दस हजार रुपये प्रति माह की दर से काम कराने (कपड़ा बेचने के लिए) के नाम पर जम्मू-कश्मीर ले गया था। चार माह बाद भी आरोपी ने मजदूरी के रुपये नहीं दिए। सात जून को उसका बेटा अब्बास घर पहुंचा।
उसने बताया आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर उन्हें कश्मीर में बंधक बना रखा है। उस पर गलत कार्य करने का दबाव बनाया जा रहा है। वह किसी तरह से उनके चंगुल से निकलकर आया है। उसका दूसरा बेटा आरोपियों के कब्जे में है। आरोपी उस पर भी गलत कार्य करने का दबाव बना रहे हैं। धमकी दे रहे हैं काम नहीं किया तो हमारे यहां पर काफी लोग है तुझे किसी भी आतंकी संगठन में दिखवा कर हत्या करा दी जाएगी।
शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे वह आरोपी के घर पर गई और उसके परिजनों से बेटे को छोड़ने और मजदूरी के रुपये की मांग की तो आरोपियों ने उसकी पिटाई कर दी और जान से मारने की धमकी दी। इससे परिवार भयभीत है। उसने अपने बेटे को बंधक मुक्त कराने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। एएसपी अजी जुल हक ने छपरौली थाना इंचार्ज को मामले की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।