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खतरे के निशान से एक मीटर नीचे बह रही यमुना

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दो दिन में हथनी कुंड से छोड़ा गया 24 हजार क्यूसेक पानी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। हथनी कुंड से दो दिन में 24 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद यमुना का जलस्तर बढ़ गया। जलस्तर बढ़ने से खादर में किसानों की फसलों का नुकसान हो गया। यमुना खतरे के निशान से एक मीटर नीचे बह रही है। प्रशासन ने जिले में अलर्ट जारी किया। मंगलवार तक पानी बागपत पहुंच जाएगा। जलस्तर बढ़ने पर कटान व बाढ़ से निपटने की तैयारी कर ली है। कटान रोकने के लिए सीमेंट के कट्टे व बल्लियों का स्टॉक लगाया है।
हथनी कुंड से रविवार को 20 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा था, जो सोमवार को बागपत पहुंच गया है। यमुना खतरे के निशान से एक मीटर नीचे बह रही है। सोमवार को हथनी कुंड से चार हजार क्यूसेक पानी और छोड़ा है, जो मंगलवार की शाम तक बागपत पहुंच जाएगा। यमुना का जलस्तर बढ़ने पर प्रशासन ने अलर्ट जारी किया। खादर में खेती करने वाले किसानों को यमुना ओर न जाने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ नियंत्रण के लिए जिले में 11 चौकियां बनाई। इसके अलावा कटान रोकने के लिए सीमेंट के कट्टे व बल्लियों का स्टॉक किया है। बाढ़ नियंत्रण के नोडल अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि दो दिन में यमुना में 24 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा है। फिलहाल यमुना खतरे के निशान से एक मीटर नीचे बह रही है।
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चौकियों को अलर्ट जारी किया
बागपत। प्रभारी सीडीओ हुबलाल ने बताया बाढ़ नियंत्रण के लिए प्रशासन की तैयारी पूरी है। जिले की तीनों तहसीलों में 11 बाढ़ नियंत्रण चौकियां बनाई हैं। सभी चौकी प्रभारियों को निर्देश जारी किए हैं।
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जिले के 23 गांवों को हैं खतरा
बागपत। छपरौली, शबका, ककौर कला, कौताना, खेड़ी लुहारी, निनाना, नैथला, सुल्तानपुर हटाना, सिसाना, निवाड़ा, पाली, बागपत, काठा, मवीं कला, सांकरौद, सुभानपुर सहित 23 गांवों में बाढ़ व कटान का खतरा है।
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