बागपत। यूपी-हरियाणा सीमा विवाद में अभी तक किसानों में विवाद होता था लेकिन अब प्रशासनिक अधिकारी भी आमने-सामने आ गए है। यमुना किनारे बांध बनाने का कार्य हरियाणा के सोनीपत के अधिकारियों ने रुकवा दिया है और ठेकेदार को यमुना के अंदर से रेत निकालने पर फटकार लगाई है। बांध नहीं बनने से यमुना में पानी आने पर फसल डूबने का खतरा है।
बरसात को देखते हुए यमुना में पानी आने से पहले किनारों पर बांध मजबूत कराए जाते हैं। इसके लिए करोड़ों रुपये का ठेका छोड़ा जाता है और इस बार भी ठेकेदार से बागपत व मवीकलां में यमुना किनारे पर बांध तैयार कराए जा रहे थे। इसके लिए यमुना के अंदर से रेत निकालकर कट्टों में भरकर किनारों पर लगाया जा रहा था तो पत्थर भी लगाए जा रहे थे। इसका हरियाणा के सोनीपत जिले के मनौली गांव के काफी किसानों ने विरोध किया। वहां सोनीपत के तहसीलदार व अन्य अधिकारी भी पहुंचे और बांध बनाने का कार्य बंद करा दिया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने फोन पर उनसे बातचीत की, लेकिन सोनीपत के तहसीलदार ने साफ कर दिया कि जिस तरह से बांध बनाए जा रहे है, उससे यमुना में पानी आने पर हरियाणा के किसानों की फसल डूब जाएगी। हरियाणा के अधिकारी दोबारा से कार्य करने पर कार्रवाई की चेतावनी देकर चले गए, जिसके बाद ठेकेदार को काम बंद करना पड़ा।
दीक्षित अवार्ड के बाद भी खत्म नहीं हुआ विवाद
यमुना की धार कई बार बदलने से यूपी की जमीन हरियाणा की ओर चली गई और हरियाणा की जमीन यूपी की तरफ आ गई। उस जमीन पर कब्जे को लेकर ही यह विवाद चल रहा है। इस विवाद के बढ़ने पर केंद्र ने 1974 में तत्कालीन कृषि मंत्री उमाशंकर दीक्षित की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया और दीक्षित अवार्ड के तहत दोनों प्रदेश की जमीन पर पिलर लगवाए गए। उस समय यमुना की धार को आधार मानकर सीमांकन कर दिया गया था। उस समय तय हुआ था कि यूपी के किसानों की जमीन हरियाणा की ओर है तो उस पर हरियाणा के किसान काबिज होंगे और हरियाणा के किसानों की जमीन यूपी की ओर है तो उसपर यूपी के किसान काबिज होंगे। लेकिन उसपर कब्जा नहीं दिलवाया गया और यह विवाद लगातार बढ़ता गया।
बागपत व सोनीपत के इन गांवों की जमीन पर विवाद
जिले के बागपत, काठा, मवीकलां, निवाड़ा, सिसाना, गौरीपुर जवाहरनगर, नैथला, फैजपुर निनाना, लुहारी, कोताना, खेड़ी प्रधान, खेड़ा इस्लामपुर, छपरौली, टांडा, काकौर, बदरखा, जागौस, पाली, नंगला बहलोलपुर, सुभानपुर, सांकरौद आदि गांव सीमा विवाद से प्रभावित है। हरियाणा के सोनीपत के बेगा, चंदौली, पबनेरा, ग्यासपुर, मीमारपुर, जैनपुर, टिकौला, नांदनौर, असदपुर, गढ़मिर्कपुर, मनौली, दहीसरा, भैरा बांकीपुर आदि गांवों से विवाद चल रहा है।
बांध का कार्य बंद कराए जाने की जानकारी नहीं है। इस बारे में सिंचाई विभाग के अधिकारियों से पता कराया जाएगा और उसके बाद कोई समस्या होगी तो उसका समाधान कराया जाएगा। राजकमल यादव, जिलाधिकारी