दोघट। निरपुड़ा गांव के आर्य समाज मंदिर में तीन दिवसीय हीरक जयंती समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के प्रथम दिन बुधवार को यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य प्रमोद शास्त्री ने कहा कि उत्तम कर्म करने वाला मनुष्य महान कहलाता है। यज्ञ मनुष्य को उत्तम कर्म की ओर ले जाता है।
यज्ञ वातावरण में फैले प्रदूषण से छुटकारा दिलाता है। संसार में उत्तम कर्म करना ही यज्ञ है। यज्ञ सही रास्ते पर चलने का संदेश देता है। मनुष्य की विचारधारा को शुद्ध रखता है। यज्ञ में पहुंचे जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने कहा कि समाज में नीर, नदी, नारी नारायणी हैं। इनका सम्मान बचाना जरूरी है। जल ही जीवन एवं जीविका है। इसे बचाना भी जरूरी है। लोगों को जल के प्रति जागरूक होकर पानी बचाने एवं स्वच्छ रखना होगा। समाज जागरूक होगा तभी नदी नालों को स्वच्छ बना सकते हैं। यज्ञमान पप्पू राणा व सविता आर्य रहे। इस मौके पर स्वामी यज्ञमुनि, संजय राणा, हरपाल आर्य, सहेंद्र ठेकेदार, जयपाल सिंह, प्रियव्रत राणा, वेदपाल, मांगेराम आर्य, हरवीर सिंह, जगपाल आर्य, वीरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद