बड़ौत। आर्य समाज बड़ौत व आर्य समाज पट्टी चौधरान कार्यालय पर रविवार को साप्ताहिक यज्ञों का आयोजन हुआ, जिसमें आर्यजनों ने पर्यावरण की शुद्धि के लिए यज्ञ में आहुति दी। इस दौरान काफी संख्या में आर्यजनों की उपस्थित रही।
डा़ हरपाल सिंह ने कहा कि पर्यावरण शुद्धि हेतु प्रतिदिन यज्ञ करना चाहिए। पर्यावरण दो शब्दों से मिलकर बना है। कहा कि मानव वायु, जल, पृथ्वी, वृक्ष आदि को तो प्रदूषित कर ही रहा है। हम अपने भवनों का पत्थरों से निर्माण कर प्रकृति से खिलवाड़ कर रहे हैं। प्राचीन काल में मानव प्रकृति को नमन करता था। वर्तमान में वह प्रकृति को नई चुनौतियां दे चुका है। प्रकृति को हमसे समझौता नहीं करना है, हमें प्रकृति से समझौता करना है। प्रकृति के साथ छेड़खानी के बदले वह अपने तरीके से भुगतान करती है। मनुष्य अच्छी तरह जानते हुए भी इस अपराध में शामिल है। 5 जून को विश्व स्तर पर पर्यावरण दिवस मानने से काम नहीं चलेगा, बल्कि हर रोज पर्यावरण दिवस के रूप में मनाना चाहिए। इस अवसर पर समर भानु आचार्य, यजमान कुमारी आरोही चोधरी रहीं। वहीं पट्टी चौधरान आर्य समाज द्वारा आयोजित यज्ञ के ब्राह्म सोमेंद्र सिंह, यजमान वीरपाल सिंह रहे।