फोन टेप वायरल होने के बाद निजी सुरक्षा के साथ एक माह की छुट्टियों के बाद लौटे सर्वेश पांडेय को डीपीआरओ का चार्ज नहीं दिया गया है। शुक्रवार को ओसी कलक्ट्रेट संगम लाल यादव को प्रभारी डीपीआरओ का चार्ज दिया गया। जबकि पांडेय की मेडिकल लीव की भी जांच होगी।
बागपत से सपा प्रत्याशी डॉ कुलदीप उज्ज्वल के साथ फोन टेप वायरल होने के बाद खुद को खतरा बताते हुए डीपीआरओ सर्वेश पांडेय छुट्टी पर चले गए थे। सुरक्षा और तबादले की मांग को लेकर वह प्रमुख सचिव पंचायती राज चंचल तिवारी से भी मिले थे। करीब एक माह बाद निजी सुरक्षा के बीच सर्वेश पांडेय ने वापस आकर ज्वाइन कर लिया। उनके छुट्टी पर चले जाने के बाद डीएम हृदय शंकर तिवारी ने कलक्ट्रेट के ओसी मनोज कुमार सिंह को डीपीआरओ को चार्ज दे दिया था।
एसडीएम राकेश कुमार सिंह का तबादला हो जाने के कारण मनेाज कुमार को एसडीएम सदर बनाया गया, इसके बावजूद डीपीआरओ का चार्ज उन्हीं के पास था। शुक्रवार को नए ओसी कलक्ट्रेट संगम लाल यादव को ही प्रभारी डीपीआरओ बना दिया गया। सर्वेश पांडेय को चार्ज नहीं दिया गया है। सीडीओ जेपी रस्तोगी का कहना है कि विभागीय नियमों के अनुसार मेडिकल की जांच होगी, इसके बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
एडीओ पंचायत भी पहुंचे लखनऊ
बागपत। प्रभारी डीपीआरओ सर्वेश पांडेय के अवकाश पर चले जाने के बाद शासन ने यहां लखनऊ से एडीओ पंचायत स्वामीदीन को भेजा था। बताते हैं कि लखनऊ से उन्हें प्रभारी डीपीआरओ बनाने का भरोसा दिलाया गया था, उनकी फाइल भी शुरू हो गई थी। लेकिन इससे पहले उन्हें चार्ज दिया जाता, सर्वेश पांडेय वापस पहुंच गए। डीपीआरओ कार्यालय में एक दिन बैठकर स्वामीदीन ने लोगों की समस्याएं भी सुनी थी। हालांकि उन्होंने साफ किया था कि अभी उन्हें चार्ज नहीं मिला है। बताते हैं कि वह लखनऊ से संपर्क किए हुए हैं।
क्या था मामला
प्रभारी डीपीआरओ सर्वेश कुमार पांडेय के नाम से डीएम, एसपी और मीडिया के नाम से छह जून को एक पत्र जारी किया गया था। इसमें आरोप लगाया था कि सपा के बागपत प्रत्याशी डॉ कुलदीप उज्ज्वल ने चार जून की रात डीपीआरओ को कॉल कर धमकाया है। मुद्दा ग्राम सचिवों के तबादले का था। छह जून को कलक्ट्रेट में उज्ज्वल ने समर्थकों के साथ प्रदर्शन भी किया। मामला गरमाने के बाद डीपीआरओ अवकाश पर चले गए थे। मंगलवार को एकाएक वह व्यक्तिगत सुरक्षा लेकर लौट आए थे।