बड़ौत। मलकपुर चीनी मिल के कर्मचारियों का विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मिल बंद कराकर हंगामा किया। वहीं, मांगें पूरी न होने पर मिल बंद रखने की चेतावनी दी। वहीं, देर रात तक मिल प्रशासन व कर्मचारियों के बीच वार्ता चलती रही, लेकिन समाचार लिखने तक समझौता नहीं हुआ। उधर, मिल में गन्ना लेकर आए किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
चीनी मिल कर्मचारी यूनियन के कार्यकर्ता शुक्रवार को मिल परिसर में एकत्रित हुए। उन्होंने हंगामा कर मिल बंद करा दिया। हंगामा करने वालों ने पूर्व में हुए समझौते के अनुसार जिन कर्मियों का इन्सेंटिव काटा था, उन्हें पूर्व की भांति इन्सेटिव दिए जाने, चीनी मिल मेें रिक्त पदों को वेजबोर्ड के अनुसार नियुक्त करने व रुके प्रमोशन दिए जाने की मांग की। कर्मचारियों का कहना था कि मिल प्रशासन मनमानी कर रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जब तक मांगे पूरी नहीं होंगी, मिल को चालू नहीं होने दिया जाएगा। इस दौरान सूचना पाकर एसडीएम सुभाष सिंह भी मौके पर पहुंचे। देर रात्रि तक मिल प्रशासन व कर्मचारियों के बीच वार्ता जारी रही परंतु समाचार लिखे जाने तक उनमें समझौता नहीं हुआ। हंगामा करने वालों में सोनू, रवींद्र शर्मा, बलराम, देवरत, रवींद्र तोमर उर्फ पप्पू, आलोक, हरिमोहन, देवेंद्र, अरविंद कुमार, अजय आदि शामिल रहे। उधर, मिल में गन्ना लेकर आए किसानों को परेशानियों से जूझना पड़ा।
वहीं, इस संबंध में मलकपुर चीनी मिल के अध्यासी विपिन चौधरी ने बताया कि उच्चाधिकारियों को कर्मचारियों की मांगों से अवगत कराया जा चुका है। जल्द ही विमर्श कर कर्मचारियों की मांगे पूरी करने का प्रयास किया जाएगा।