हरसिया बिजलीघर की लाइन का निर्माण कार्य अहेड़ा गांव में पुलिस की मौजूदगी में बुधवार को शुरू हो गया। किसान मुआवजे को लेकर नाखुश हैं। किसानों ने डेढ़ माह पूर्व 18 दिन धरना दिया था।
बागपत से हरसिया बिजलीघर पर हाईटेंशन लाइन ले जाने के लिए खंभे खड़े किए जा रहे हैं। दुड़भा, अहेड़ा, सुहेंडा, ढ़िकौली समेत कई गांवों के किसानों ने मांग की कि उनको जमीन का उचित मुआवजा मिले, इसके बाद ही खेत के ऊपर से लाइन गुजारी जाए। इसे लेकर पिछले चार माह से निर्माण कार्य बंद था। किसानों ने कहा जब तक मांग पूरी नहीं होगी, निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा।
किसानों ने अहेड़ा गांव में डेढ़ माह पूर्व 18 दिन धरना दिया। अफसरों ने उन्हें नियमानुसार मुआवजे देने का आश्वासन दिया, लेकिन कुछ नहीं मिला।
मंगलवार को भी अहेड़ा गांव में अफसरों और किसानों के बीच बातचीत हुई, लेकिन कोई हल नहीं निकला । प्रशासन ने बुधवार को अपनी कार्रवाई शुरू कर दी।
बागपत तहसीलदार राज बहादुर सिंह, एसडीओ (ट्रांसमिशन) अंकित गंगवार, जेई राजेश कुमार ने पुलिस की मौजूदगी में खंभा लगाने का काम शुरू करा दिया। अंकित गंगवार का कहना है कि किसानों को मानक के अनुसार ही मुआवजा दिया जाएगा। किसान ज्यादा मुआवजे मांग रहे हैं।
विद्युत टावर का निर्माण कराने के लिए खेत में 50 पुलिस वाले पहुंचे, लेकिन काम करने वाले मात्र तीन ही मजदूर दिखाई दिए। कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार ने इस संबंध में उच्चाधिकारियों को बताया है।
फसल का भी नहीं मिला मुआवजा
बागपत। अहेड़ा गांव के किसान हेमराज ने कहा टावर का आधा हिस्सा उनके खेत में आ रहा है। उसकी फसल का कई बार नुकसान हो चुका है। जमीन का तो बहुत दूर की बात है अभी तक फसल का भी मुआवजा नहीं मिला। उसने एसडीओ से मुआवजे की मांग की है।