बागपत। जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव में दो प्रत्याशी जमानत जब्त होने के बाद भी जीत गए। ऐसा वार्ड सात से रीता और वार्ड 12 में सुनील के साथ ऐसा हुआ। दोनों विजेता प्रत्याशी कुल वैध मतों के 1/6 फीसदी वोट नहीं प्राप्त कर पाए। हालांकि सर्वाधिक मत मिलने के कारण उन्हें विजेता घोषित कर दिया गया।
वार्ड सात में सभी 22 और वार्ड 12 में सभी 19 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। इस पर जिला पंचायत के कुल 244 प्रत्याशियों में से 212 की जमानत जब्त हो गई। सिर्फ 32 प्रत्याशी ही जमानत बचा जाए। छह वार्ड ऐसे भी रहे जहां विजेताओं के अतिरिक्त सभी की जमानत जब्त हो गई। वार्ड सात में 40595 मतदाताओं में से 29394 ने मताधिकार का प्रयोग किया था। जिनमें से 27834 मत वैध पाए गए। प्रत्याशियों को जमानत बचाने के लिए 4644 मत प्राप्त करने थे। विजेता रीता भी 4105 मत हासिल कर पाईं। वार्ड 12 में 40743 मतदाताओं में से 30566 ने वोट डाले। जिनमें से 29600 वोट वैध मिले। प्रत्याशियों को जमानत बचाने के लिए 4933 मतों की जरूरत थी। विजेता सुनील भी 4892 वोट ही प्राप्त कर पाए। वार्ड एक में पांच, वार्ड दो में छह, वार्ड तीन में 12, वार्ड चार में 15, वार्ड पांच में 10, वार्ड छह में 9, वार्ड सात में 22 वार्ड आठ में 16, वार्ड नौ में 13, वार्ड दस में 14, वार्ड 11 में 11, वार्ड 12 में 19, वार्ड 13 में 22, वार्ड 14 में 9, वार्ड 15 में 2, वार्ड 16 में 2, वार्ड 17 में 8, वार्ड 18 में 6, वार्ड 19 में 7 और वार्ड 20 में 4 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई।
भाजपा के 20 में से 13 प्रत्याशियों की जमानत जब्त
भाजपा ने पंचायत चुनाव में सभी सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे। इनमें से चार प्रत्याशी वार्ड छह, 11, 14 और 19 में चुनाव जीत सके। 13 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। वार्ड एक और दो को छोड़कर भाजपा प्रत्याशी किसी वार्ड में दूसरे नंबर पर भी नहीं पहुंच पाए। वार्ड तीन में महिपाल सातवें, वार्ड चार में रणवीर चौथे, वार्ड पांच में बिंद्रा आठवें, वार्ड सात में अनिता 12वें, वार्ड आठ में मीनू पांचवें, वार्ड नौ में इंदू छठे, वार्ड दस में आदेश छठे, वार्ड 12 में उर्मिला छठे, वार्ड 13 में ज्योति तीसरे, वार्ड 17 में कोमल तीसरे, वार्ड 18 में गीता तीसरे स्थान पर रहीं।
ये होती है जमानत राशि
चुनाव आयोग के मुताबिक नामांकन के दौरान जमानत राशि जमा कराई जाती है। जिससे गंभीर उम्मीदवार ही चुनाव लड़ें। कुल वैध मतों के 1/6 फीसदी से कम मत प्राप्त करने वालों की जमानत राशि जब्त कर ली जाती है। जिला पंचायत सदस्य पद के लिए जमानत राशि चार हजार रुपये तय है।