बड़ौत। सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर लगी ई-पॉज मशीन जनता को संक्रमण बांट सकती है। क्योंकि कार्ड धारक को मशीन पर अंगूठा लगाने के बाद ही राशन मिलता है। ऐसी स्थिति में अगर सावधानी नहीं बरती गई तो संक्रमित होना तय माना जा रहा है। इसके लिए शासन और प्रशासन को नियमों में परिवर्तन करना चाहिए। ताकि योजना का लाभ जनता तक पहुंचता रहे। और संक्रमण भी न फैले।
जनपद में 400 राशन की दुकानें हैं। राशन की कालाबाजारी रोकने के लिए शासन ने राशन वितरण प्रणाली में बदलाव किया। यानी ई- पॉज मशीन के माध्यम से उपभोक्ताओं को राशन दिया जा रहा है। कोरोना संक्रमण आने के बाद शासन और प्रशासन गंभीर है। साथ ही सोशल डिस्टेंस, मास्क और सैनिटाइजर के प्रयोग की सलाह दी जा रही है। लेकिन राशन की दुकानों पर शासन के निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। जहां बगैर सैनिटाइजेशन के मशीन पर अंगूठा लगवाया जा रहा है वहीं मास्क और सोशल डिस्टेंस भी तार तार है।
संक्रमण से बचाव के लिए कार्ड धारकों को सजग होना होगा। जहां मशीन पर अंगूठा लगाने के तुरंत बाद हाथ सैनिटाइज करने होंगे वहीं मास्क और सोशल डिस्टेंस को नहीं भूलना होगा। इस संबंध में जब क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी विकास कुमार का कहना है कि बिना अंगूठा लगाए राशन बांटने का नियम नहीं है। अगर कहीं पूरा गांव संक्रमित होता है तो जिलाधिकारी के आदेश पर बिना अंगूठा लगाए राशन दिया सकता है। एक बार में राशन की दुकान पर पांच लोग ही जा सकते हैं।