बड़ौत। सामाजिक संगठन से जुड़ी महिलाओं ने जागरूकता की मुहिम चलाते हुए लोगों से हर्बल गुलाल से होली खेलने का आह्वान किया। वहीं त्वचा की सुरक्षा के लिए बच्चों को रासायनिक रंगों से दूर रखने का भी संदेश दिया।
बाजार में होली के रंगों की 50 से अधिक स्थाई व अस्थाई दुकानें लगी हैं। जिन पर हर्बल गुलाल के अलावा रासायनिक रंग उपलब्ध हैं। होली खेलने के लिए रंग और गुलाल की खूब खरीदारी हो रही है। दुकानों पर बच्चे खूब रंग व गुलाल खरीद रहे हैं। जिसे देखते हुए सामाजिक संगठन से जुड़ी महिलाओं ने हर्बल गुलाल से होली खेलने के लिए जागरूक करने की सभी से अपील की है।
अंजू ने कहा कि रासायनिक रंग त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। होली को हर्बल गुलाल के साथ खेलकर न केवल अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए, बल्कि पर्यावरण को भी सुरक्षित रखना चाहिए, जिसमें सभी को जागरूक होकर भागीदारी करनी चाहिए।
सुजाता ने कहा कि बच्चों को यह संदेश देना बहुत जरूरी है कि होली रंगों के साथ प्रेम का पर्व है। हर्बल गुलाल का प्रयोग करके हम उन्हें एक स्वस्थ और सुरक्षित तरीके से उत्सव मनाने की दिशा में मार्गदर्शन कर सकते हैं। बच्चों को रासायनिक रंगों से दूर रखा जाए।
रक्षिता शर्मा ने कहा कि हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि होली के रंग केवल खुशी का प्रतीक नहीं होते, बल्कि उनका पर्यावरण पर भी असर पड़ता है। हर्बल गुलाल से न केवल हम अपने शरीर और पर्यावरण का ध्यान रख सकते है, बल्कि यह एक जिम्मेदार नागरिक होने की भी पहचान है।