नए कृषि कानून के विरोध में हाईवे पर सातवें दिन भी धरना जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। नए कृषि कानून के विरोध में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित औद्योगिक पुलिस चौकी पर चल रहा धरना सातवें दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को समर्थन देने मातृ शक्ति भी धरनास्थल पहुंची। महिलाओं ने कहा कि जिस समय देश मेें कोरोना महामारी फैली हुई थी, उस समय किसान खेतों में काम कर देश व जनता का पेट भर रहा था। मोदी सरकार नई-नई कृषि नीतियों को पारित कर किसानों को बर्बाद करने पर तुले हुए है, जो हम नहीं होने देंगे। कहा कि किसान है तो हमारा देश और हमारा वजूद है।
शुक्रवार को सभासद रेनू तोमर के नेतृत्व में काफी संख्या में महिलाएं हाईवे पर चल रहे धरने को समर्थन देने पहुंची। महिलाओं ने जय जवान, जय किसान के नारे भी लगाएं। रेनू तोमर ने कहा कि मुझे अपने आप पर गर्व है कि मै किसान की बेटी हूं। किसान न होता तो हमारे देश व हमारा वजूद न होता। उन्होंने घोषणा की कि प्रतिदिन क्षेत्र की महिलाएं धरने पर पहुंचेगी और धरने को मजबूत बनाने का काम करेगी। जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट जयवीर सिंह तोमर ने कहा कि सिंघु बार्डर पर चल रहे धरने तक हमारा यह धरना चलता रहेगा। अध्यक्षता पंवार खाप चौधरी धर्मवीर सिंह पंवार और संचालन विक्रम आर्य ने किया।
इन लोगों ने भी किया संबोधित
बड़ौत। किसान यूनियन के राष्ट्रीय सचिव रणवीर सिहं, संजीव लिलोन, आचार्य बलजोर सिंह आर्य, जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह, आशुतोष तोमर, जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष जयवीर सिंह तोमर एडवोकेट, सुमेर सिंह आर्य ककड़ीपुर, धर्मपाल चेयरमैन रमाला, दरयाव सिंह, पट्टी मेहर थांबेदार ब्रजपाल सिंह, रणधीर सिंह ढ़िकाना, सतेंद्र खोखर, सोमपाल सिहं बड़ौली, शौकेंद्र पहलवान ने विचार रखे।
ये रहे उपस्थित
बड़ौत। रणधीर सिंह ढिकाना, विपिन ढ़िकाना, सूबे सिंह रमाला, सत्येंद्र चौहान रमाला, वीरेंद्र सिंह गुराना, डॉ. कृपाल सिंह, विकास मलिक एडवोकेट, पूर्व विधायक वीरपाल राठी, राजेंद्र सिंह हेवा, आनन्द छिल्लर, रामछैल सिंह पंवार आदि शामिल रहे।
भोजन की व्यवस्था ईदरीशपुर गांव ने की
बड़ौत। हाईवे पर चल रहे धरने के सातवें दिन खाने की जिम्मेदारी ईदरीशपुर गांव की रही। धरनास्थल पर मौजूद किसानों को गरमा गरम खाना खिलाया गया।
10 किलो बादाम बांटे
बड़ौत। धरनास्थल पर सपा नेता शौकेन्द्र पहलवान ने 10 किलो बादाम बांटे और धरने को जारी रखने पर सहमति जताते हुए किसानों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया।