बागपत शहर के मुगलपुरा मोहल्ले में ससुराल में आए युवक इरशाद की हत्या के मामले में उसके परिजनों ने पकड़े गए ससुराल पक्ष के आरोपियों को पुलिस पर छोड़ने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। इरशाद की मां तो पुलिस की जीप के आगे ही लेट गई। उसकी पुलिस कर्मियों से काफी नोकझोंक भी हुई।
मुजफ्फरनगर के खालापार के मक्कीनगर निवासी इरशाद मुगलपुरा मोहल्ले में अपनी ससुराल में आया हुआ था। बुधवार की रात उसकी हत्या कर दी गई थी। इरशाद के भाई सरफराज ने अपने ससुर शहजाद, सास शहीदा, पत्नी रूकसाना उर्फ सल्लो, साले आशु और साली रूबीना (इरशाद की पत्नी) पर हत्या करने का अंदेशा जताते हुए कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पूछताछ में इरशाद की पत्नी रूबीना ने पति की हत्या करना इकबाल किया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर शुक्रवार को जेल भेज दिया था।
शनिवार को मृतक के परिजनों ने कोतवाली पर पहुंचकर कहा कि उन्होंने पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने केवल एक आरोपी रूबीना को ही जेल भेजा है। अन्य दो आरोपियों को तो हिरासत में लेने के बाद भी छोड़ दिया है। उन्होंने पुलिस पर आरोपियों से मिले होने का आरोप लगाते हुए कोतवाली पर हंगामा किया। पुलिस ने उन्हें कोतवाली से बाहर निकाल दिया। इस दौरान मृतक की मां रुखसाना पुलिस की जीप के आगे लेट गई।
उसकी पुलिस कर्मियों से काफी नोकझोंक भी हुई। उसने कोतवाली के बाहर सड़क पर भी हंगामा करते हुए पुलिस को जमकर खरी-खोटी सुनाई। कोतवाली प्रभारी रनवीर सिंह यादव का कहना है कि रूबीना ने अकेले ही अपने पति की हत्या करना इकबाल किया है। केस की विवेचना चल रही है। मृतक के परिजनों द्वारा लगाया गया आरोप पूरी तरह से गलत है।