बड़ौत। रेलवे कॉलोनी में बंदरों के हमले से रेलवे कर्मी की मां व भतीजी घायल हो गई। आसपास के लोगों ने किसी तरह दोनों को बंदरों से छुड़ाया और घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
रेलवे कर्मी रिंकू अपने परिवार के साथ बड़ौत रेलवे कॉलोनी में ही रहता है। शुक्रवार की सुबह रिंकू की मां कुसुम देवी अपनी पांच माह की पोती राधिका को मकान के बाहर लेकर बैठी थी। तभी करीब दस बंदरों का झुंड वहां आया और कुसुम देवी व बच्ची पर हमला करते हुए उन्हेें काटकर घायल कर दिया। शोर सुनकर आसपास के लोग लाठी-डंडे लेकर दौड़े और किसी तरह बंदरों को भगाकर दोनों को बचाया।
घायल होने पर दोनों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। लोगों का आरोप हैं कि बड़ौत में बंदरों का आतंक हैं और वह आए दिन काटकर लोगों को घायल कर रहे हैं। लोगों ने बंदरों के आंतक से निजात दिलाएं जाने की मांग की। वहीं नगर पालिका ईओ मनोज रस्तोगी ने बताया कि बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर छोड़ा गया है और बंदरों की समस्या जल्द दूर होगी।