शिक्षामित्रों के आंदोलन को रालोद और बसपा ने समर्थन दिया है। रालोद विधायक सहेंद्र सिंह रमाला ने कहा शिक्षामित्रों के साथ है, अन्याय नहीं होने देंगे। कलक्ट्रेट में शिक्षामित्रों का धरना चौथे दिन भी जारी रहा।
छपरौली के रालोद विधायक सहेंद्र सिंह रमाला ने कहा जिसकी नौकरी जाती है, दर्द उसको ही होता है। सरकार के नुमाइंदे अपने परिवार की बहु बेटियों को इन महिला शिक्षामित्रों के बीच धरने पर बैठाकर देखे तो पीड़ा का पता चल जाएगा।
प्रशासन को चेताया धरने पर बैठे शिक्षामित्रों पर ऐसी कार्रवाई न करें जिससे समाज में गलत संदेश जाए। पुलिस शिक्षामित्रों पर ज्यादती कर रही है। विधानसभा में इस पीड़ा को उठाया जाएगा। पूर्व विधायक चौधरी साहब सिंह, पूर्व विधायक वीरपाल राठी, डॉ. अजय तोमर ने कहा हर परिस्थितियों में शिक्षामित्रों के साथ है।
बसपा जिलाध्यक्ष जय कुमार जाटव, धर्मसिंह ने कहा यह पीड़ा है। इसके लिए बसपा का हर सिपाही उनके साथ है। प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष रामपाल धामा ने शिक्षामित्रों के साथ जिले का हर प्रधान और उनका परिवार साथ खड़ा रहेगा। शिक्षा मित्र संघ की जिलाध्यक्ष कुशलता चौहान ने बताया डीएम के आश्वासन पर जेल भरो और रोड जाम के कार्यक्रम को निरस्त किया है। आगे की रणनीति डीएम से मिलने के बाद बनाई जाएगी।
पीएम के मन की बात का कार्यक्रम का बहिष्कार करते हैं। लखनऊ जाकर भी इसका विरोध किया जाएगा। रालोद जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रदीप सिंह, बिजेंद्र भाटी, राजकुमार शर्मा, लोकेश शर्मा, सचिन शर्मा, राजेश पंवार, राहुल भारत, भरत शर्मा, अरूण कुमार, मोहम्मद असलम, देवेंद्र गोस्वामी, राजेंद्र कुमार, राखी, संतोष, पिंकी, सरला, गीता, ज्योति मौजूद रहे।
शिक्षा मित्रों के आंदोलन के चलते राष्ट्र वंदना चौक पहुंचकर धरना प्रदर्शन और चक्का जाम करने के बाद गिरफ्तारी की तैयारी की जा रही थी। सूचना से पुलिस प्रशासन के होश उड़ गए। आनन-फानन में भारी संख्या में पुलिस बल को कलक्ट्रेट में भेजा। जेलभरो आंदोलन को लेकर वहीं पर वाहन की व्यवस्था कर दी थी।
चार महिला शिक्षामित्रों ने दी आत्मदाह की चेतावनी
महिला शिक्षा मित्र सुनीता तोमर ने कहा न्यायालय, केंद्र और प्रदेश सरकार ने उनका शोषण किया है। उसके साथ भूखे मारने की नौबत आ गई है। दो बच्चे हैं, उनके साथ-साथ मायके का इसी नौकरी से गुजर बस हो रहा था।
नौकरी जाने से दो परिवारों के सामने भूखे मारने की नौबत आ गई है। समायोजन बहाल नहीं किया तो वह आत्मदाह करने को मजबूर होगी। इसके अलावा मंजू, कुशलता चौहान और निशा ने भी चेतावनी दी जल्द उन्हें सहायक अध्यापक नहीं बनाया तो वह सार्वजनिक रूप से आत्मदाह करेंगे।
धरने के दौरान महिला सिपाही हुई बेहोश
शिक्षा मित्रों के धरने में महिला पुलिस कर्मियों को भी तैनात किया हुआ है। दोपहर के समय अचानक एक महिला सिपाही बेहोश होकर गिर गई। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर चिकित्सकों ने उसको भर्ती कराया। महिला दरोगा सुमन ने बताया महिला सिपाही बुखार से पीड़ित थी, जिस कारण सिपाही को चक्कर आ गए थे। ब्यूरो