बागपत। नालों के गंदे पानी को साफ करने और यमुना में गंदा पानी जाने से रोकने के लिए नगर के पुराना कस्बा में 27 करोड़ रुपये से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तैयार कराया जा रहा है। प्लांट का निर्माण जोरों पर चल रहा है। प्लांट का निर्माण होने से किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिलेगा और यमुना नदी में दूषित पानी डाला जाना बंद हो जाएगा।
बागपत शहर में शुगर मिल का नाला, काली माता मंदिर का नाला, आफिसर्स कॉलोनी वाला नाला और बाईपास से गुजरने वाला चार मुख्य नाले हैं। इनकसे नगर का गंदा पानी यमुना डाला जाता है। इन नालों के गंदे पानी को साफ करने के लिए पुराना कस्बा में 27 लाख रूपये से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कराया जा रहा है। शहर के चारों मुख्य नालों को प्लांट से जोडक़र पानी को साफ किया जाएगा। साफ पानी किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। सिंचाई के बाद बचने वाली पानी को यमुना नदी में छोड़ा जाएगा। प्लांट में एक दिन में लगभग 14 लाख लीटर पानी को साफ करने का प्लान है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट शुरू होने से यमुना भी साफ होगी। प्लांट का निर्माण तेजी से चल रहा है। इसी साल प्लांट का निर्माण पूरा होने की उम्मीद है।
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बागपत के चारों मुख्य नालों के पानी को साफ करने के लिए पुराना कस्बा में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कराया जा रहा है। प्लांट का निर्माण होने पर जहां किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिलेगा तथा बाकी पानी को यमुना में छोड़ा जाएगा।-ललित आर्य, ईओ बागपत नगर पालिका
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