पत्नी बोलीं, फोन आते ही घबराने लगा था मन
बड़ौत (बागपत)। पिंकू कुमार की पत्नी कविता ने बिलखते हुए कहा कि शनिवार रात 11 बजे सूबेदार का फोन आया था। उन्होंने पापा का फोन नंबर मांगा। मैंने बताया कि कुछ दिन पहले पापा का फोन चोरी हो गया था। इस पर उन्होंने फोन काट दिया। फिर मैंने वापस उनको फोन किया और पूछा कि क्या हुआ, इतनी रात को फोन क्यों किया। उन्होंने कुछ नहीं बताया, कहा कि सब ठीक है, लेकिन मेरा मन तभी से घबराने लगा था। लेकिन पता नहीं था कि इतनी जल्दी वे हमें छोड़कर चले जाएंगे। कविता ने कहा कि जिंदगी भर पति की कमी पूरी नहीं हो सकेगी। लेकिन मैं अपने बच्चों की सही ढंग से परवरिश करूंगी।
2005 वर्ष में हुई थी शादी
वर्ष 2005 में पिंकू की शादी मुजफ्फरनगर के सोरम गोयला गांव की रहने वाली कविता से हुई थी। दोनों के तीन बच्चे हैं। दो बेटी अंजलि (10) व शैली (8) और एक बेटा अर्णव है।
शहीद की बेटियां बोलीं, हम भी होंगे सेना में भर्ती
बेटियों अंजलि और शैली ने कहा कि हम भी सेना में भर्ती होकर देश की सुरक्षा करेंगे।
मासूम अर्णव को देख रो पड़ा हर कोई
पिंकू कुमार का नौ माह का बेटा अर्णव अपने पिता की शहादत से अंजान है। परिजनों की गोद में बैठा खिलखिला रहा था। तीनों मासूम बच्चों को देखकर ग्रामीणों की आंखें भर आईं। पिंकू के शहीद होने पर पिता जबर सिंह, मां कमलेश देवी और भाई मनोज का रोते हुए बुरा हाल था। पिता ने कहा कि मेरा बेटा देश के लिए शहीद हुआ है, मुझे उस पर गर्व है। परिजनों ने बताया कि सोमवार को शव गांव में पहुंचेगा।
दुल्हैंडी नहीं मनाएंगे लुहारी के लोग
पिंकू कुमार की शहादत से ग्रामीण शोक में डूब गए। जहां गांव में होली मनाने की तैयारी चल रही थी, वहां अब मातम पसर गया है। ग्रामीणों ने पिंकू कुमार को श्रद्धांजलि दी और इस बार दुल्हैंडी न मनाने का निर्णय लिया।
परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे जयंत चौधरी
पिंकू के शहीद होने की सूचना पर लुहारी गांव में परिवार को सांत्वना देने वालों का तांता लग गया। रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी भी गांव पहुंचे और परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की। अन्य राजनीतिक दलों के लोग व गण्यमान्य भी पहुंचे। इनमें पूर्व प्रमुख सतेंद्र मलिक, पूर्व प्रधान राजपाल, पूर्व प्रधान सुधीर, डा. संजीव आर्य, जिला पंचायत सदस्य अनुज दांगी, सुधीर दांगी, रालोद नेता विश्वास चौधरी, अरुण तोमर बॉबी, प्रमेंद्र तोमर आदि शामिल रहे।