फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरसों की फसल पर व्हाइट रस्ट का खतरा

विज्ञापन
बड़ौत के चौबली गांव में सरसों की फसल में लगे रोग को दिखाते कृषि रक्षा अधिकारी नरेश कुमार - फोटो : BARAUT
विज्ञापन
बड़ौत (बागपत)। तहसील क्षेत्र के 40 से अधिक गांवों की सरसों की फसल में तेजी से व्हाइट रस्ट रोग फैलता जा रहा है। इससे किसान चिंतित है। इसकी सूचना पर कृषि विभाग के अफसर हरकत में आ गए है। बुधवार को एडीओ कृषि रक्षा कई गांवों में पहुंचे और रोग की जांच की। साथ ही किसानों को रोग से बचाव के उपाय भी बताए।
विज्ञापन

जनपद बागपत का किसान पहले से ही बकाया गन्ना भुगतान की समस्या से जूझ रहा है, ऊपर से अब सरसों की फसल व्हाइट रस्ट रोग का खतरा मंडरा रहा है। यह रोग तेजी से फैलता जा रहा है। कुछ दिन पूर्व तक यह रोग दो-चार गांवों की सरसों की फसलों में फैला हुआ था। अब इसकी चपेट में 40 से अधिक गांवों मेें खड़ी सरसों की फसल है। अब तक इस रोग की चपेट में बड़ौली, ट्यौढ़ी, बड़ौत, मलकपुर, चौबली, बिजरौल, बामनौली, सिरसली, कोताना, बावली, छपरौली, किरठल, बरनावा, बिनौली, लुहारी, बोहला, जौनमाना, ढ़िकाना, बासौली, कासिमपुर खेड़ी, दोघट, निरपुड़ा, जिवाना, किशनपुर बिराल सहित 40 से अधिक गांवों में खड़ी सरसों की फसल आ चुकी है। इससे किसान चिंतित है। क्योंकि इस रोग से किसानों को उत्पादन में कमी होने की आशंका सता रही है।
उधर, इसकी सूचना मिलने पर कृषि विभाग के अफसर भी हरकत में आ गए है। बुधवार को एडीओ कृषि रक्षा नरेश कुमार चौबली, औढ़ापुर, मलकपुर सहित कई गांव पहुंचे और सरसों की फसल की जांच की।
विज्ञापन

ज्यादा नमी के कारण फैलता है यह रोग
बड़ौत। एडीओ नरेश कुमार ने बताया कि यह रोग ज्यादा नमी के कारण होता है। जनवरी माह में अत्यधिक ठंड पड़ने, बीच-बीच में कई दिनों तक बूंदाबांदी होने के कारण सरसों की फसल में यह रोग पनप गया है। इस रोग में सरसों की पत्तियों पर सफेद-सफेद धब्बे हो जाते है। यह रोग सरसों के पुष्पक्रम यानी फूल को नष्ट कर देता है। इससे उत्पादन घट जाता है।
ये है बचाव के तरीके
बड़ौत। एडीओ नरेश कुमार ने बताया कि किसान सरसों की फसल को इस रोग से बचाने के लिए मैकोजेब दो किलो प्रति हेक्टेयर का छिड़काव कर सकते है। इस छिड़काव से यह रोग खत्म हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें