यूपी गेट पर बागपत के किसान की मौत का मामला
- 23 दिसंबर को भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत के साथ रवाना हुआ था किसान
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। कृषि कानूनों के विरोध में यूपी गेट पर चल रहे आंदोलन में भगवानपुर नांगल गांव के किसान गलतान सिंह (57) की मौत हो गई। भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत के काफिले के साथ गलतान सिंह 23 दिसंबर को आंदोलन में शामिल हुए थे और तब से वह घर नहीं लौटे थे। गलतान सिंह ने कहा था कि अब या तो कृषि कानून रहेंगे या किसान। उनका शव पहुंचा तो क्षेत्र में गम की लहर दौड़ गई।
नांगल गांव में दस बीघा जमीन पर खेती करने वाले गलतान सिंह के निधन से क्षेत्र में गम का माहौल है। भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत के बेटे गौरव टिकैत ने बताया कि धरने के दौरान गलतान सिंह दूसरे किसानों का हौसला भी बढ़ाते रहे। सर्दी के बावजूद वह देर रात तक जागते रहते थे। पहले दिन धरने पर पहुंचते ही उनकी किसान से मुलाकात हुई थी। किसान ने हंसते हुए कहा था कि अब या तो कृषि कानून रहेंगे या हम। दुर्भाग्य रहा कि साल 2021 के पहले दिन दोपहर के समय उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा। भाकियू कार्यकर्ता उन्हें लेकर अस्पताल गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने संवेदना व्यक्त की है।
परिवार के साथ धरने पर डटा था गलतान
दोघट। भगवान नांगल निवासी गलतान सिंह पुत्र मोहर सिंह अपने परिवार के साथ धरने पर डटा हुआ था। किसान के छोटे बेटे गौरव ने बताया गया कि धरने में उसके चाचा जयदेव, आजाद और भाई मोनू भी गया हुआ था। किसान की मौत की जानकारी पर गम का माहौल बन गया। परिवार में मां बाला, पत्नी बबली, बेटे मोनू, गौरव, प्रिया, बच्चे पंछी और मनित है।
चौगामा क्षेत्र के किसान गए शव लेने के लिए
दोघट। किसान की मौत की जानकारी मिलते ही भाकियू प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह, बिजेंद्र प्रधान, सुधीर, कृष्णपाल यूपी गेट पहुंचे।
किसान का अंतिम संस्कार, बेटे मोनू ने दी मुखाग्नि
दोघट। गल्तान सिंह की मौत के बाद शव को गांव में लाया गया। शुक्रवार देर शाम उनके पैतृक गांव भगवानपुर नांगल लाकर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। किसान के बड़े बेटे मोनू ने मुखाग्नि दी। किसान की मौत से क्षेत्र में शोक की लहर है। देशखाप चौधरी सुरेंद्र सिंह, चौधरी राजेंद्र सिंह, गौरव टिकैत, बिजेंद्र प्रधान, रामकमार चेयरमैन, कृष्णपाल, मनोज प्रधान मौजूद रहे।