बागपपत। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की अलमारी खुली तो बाबू की कारगुजारी उजागर हो गई। अलमारी के अंदर मिली फाइलों और दस्तावेजों को देखते ही अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी भी हैरत में पड़ गई। जिसमें दबी मिली पिछले पांच साल पुरानी फाइलों में काफी कटिंग की गई है और इससे गड़बड़ी किए जाने की आशंका भी जताई जा रही है।
अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुमन गौतम ने बताया कि कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक होविंद प्रकाश के खिलाफ शासन में विभागीय कार्यों में रुचि न लेने और फाइलों को दबाकर रखने की शिकायत की गई थी। जिसके बाद वरिष्ठ सहायक होविंद प्रकाश को निलंबित कर सहारनपुर में संबद्ध कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि सहारनपुर में संबद्ध वरिष्ठ सहायक होविंद प्रकाश अपने साथ कार्यालय की सरकारी अलमारी की चाबी भी अपने साथ ले गए। जिसके लिए उन्हें कहा गया, लेकिन चाबी वापस नहीं लौटाई। जिसके बाद सहारनपुर के अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को पत्र लिखा गया है। उन्होंने बताया कि सोमवार को वरिष्ठ सहायक होविंद प्रकाश ने कार्यालय पहुंचकर अलमारी की चाबी लौटाई। जिसके बाद अलमारी खोलकर देखी गई तो उसमें वर्ष 2019 से लेकर अभी तक कई 16 फाइलें मिली। इसके अलावा कई पत्र भी मिले, जो विभिन्न अधिकारियों द्वारा विभाग को जारी किए गए थे। उन्होंने बताया कि अलमारी से निकाली गई फाइलें काफी समय से दबी हुई थी। जिन्हें देखने के लिए पिछले पांच महीने से वरिष्ठ सहायक को पत्र जारी किये जा रहे थे।
अधिकारी छुट्टी पर, बाबू ने बना दिया पत्र
अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुमन गौतम ने बताया कि जून माह में वह छुट्टी पर थी। सोमवार को अलमारी खोली गई तो उसमें एक पत्र ऐसा मिला, जिसमें जून माह में उनके हस्ताक्षर किए हुए थे। उन्होंने वरिष्ठ सहायक पर पुराने पत्र में छेड़छाड़ करने की भी आशंका जताई।