बागपत। 12 राज्यों में रहने वाले वाहन मालिकों पर बागपत में 10 साल से छह करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है। इसके बाद भी ये वाहन देशभर में दौड़ाए जा रहे हैं। इन 50 वाहन मालिकों ने आरसी जारी हाेने के बाद भी बकाया जमा नहीं कराया। अब इनकी संपत्ति जब्त व बैंक खाते सीज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बागपत के उप संभागीय परिवहन कार्यालय से व्यवसायिक वाहनों का पंजीकरण कराने के बाद वाहन मालिक गायब हो गए। ये वाहन मालिक जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश व बिहार के रहने वाले हैं और इन पर 10 साल से छह करोड़ रुपये बकाया है। इन्हें सबसे पहले नोटिस जारी किया गया और फोन कर टैक्स जमा करने के निर्देश दिए गए लेकिन इन्होंने टैक्स जमा नहीं कराया। इनका कोई जवाब नहीं मिलने पर तीन महीने पहले इनको आरसी जारी कर दी गई। इसके बाद भी इन्होंने टैक्स नहीं जमा कराया तो अब इन सभी की संपत्ति जब्त व बैंक खाते को सीज कर वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी गई। इसके लिए शासन को भी पत्र भेज दिया गया है।
35 टूरिस्ट बसें और 15 ट्रक चल रहे देशभर में
एआरटीओ राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिन वाहनों की आरसी जारी की गई है, इनमें 35 टूरिस्ट बसें है तो 15 ट्रक देशभर में चल रहे हैं। इनमें कई बसों के पास नेपाल का भी परमिट है। ये सभी एनसीआर की श्रेणी से बाहर हो चुके हैं। इनमें किसी पर 25 लाख रुपये तो किसी पर आठ लाख रुपये तक का बकाया है। इनमें कई बसों का प्रदूषण तो कई का परमिट समाप्त हो चुका है। ये वाहन लोगों की जिदंगी को खतरे में डाल रहे हैं।
यहां से पंजीकरण कराने के बाद टैक्स जमा नहीं करने पर 50 वाहनों के मालिकों को पहले नोटिस और फिर उनकी आरसी जारी की गई। इसके बाद भी बकाया टैक्स जमा नहीं करने पर अब संपत्ति जब्त व खाते सीज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। -राघवेंद्र प्रताप सिंह, एआरटीओ बागपत