बागपत। जिले में डीजल वाले 10 साल और पेट्रोल वाले 15 साल पुराने वाहनों को अब घरों से नहीं उठाया जाएगा, बल्कि सड़क पर चलाया गया तो ऐसे वाहनों को ही जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
एआरटीओ पुराने वाहनों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेंगे। वहीं वाहन जब्त करने के विरोध में एआरटीओ कार्यालय पर धरने के दौरान अधिकारियों के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने की रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। इसके साथ ही सरकारी वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई के लिए भी पत्र लिखा गया है।
जिले में डीजल वाले 10 साल और पेट्रोल वाले 15 साल पुराने 52 हजार वाहन हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई शुरू की गई और इनमें से अभी तक 412 वाहनों को जब्त किया जा चुका है। इनमें अधिकतर बाइकें हैं। एआरटीओ विपिन कुमार ने घरों व गलियों से वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई की तो इसका विरोध शुरू हो गया था। किसानों, राजनीतिक दलों के नेताओं व किसान संगठनों ने विरोध जताते हुए धरना दिया था। अब अफसरों ने सिर्फ सड़कों पर चलने वाले वाहनों को जब्त करने का निर्णय लिया। एआरटीओ विपिन कुमार ने बताया कि अब गलियों व घरों के सामने से पुराने वाहनों को जब्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई वाहन सड़क पर चलता मिलेगा तो उन्हें जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी और इसके लिए अभियान जारी रहेगा।
एआरटीओ ने कहा कि यदि लोगों को पुराने वाहनों को यादगार बनाना है तो इनको घरों में रखना चाहिए, न कि सड़क पर चलाना चाहिए। पुराने वाहनों से हादसा हो सकता है। बताया कि पुराने वाहनों को पंजीकरण के 50 साल बाद विंटेज श्रेणी में शामिल किया जाएगा और इसके लिए एआरटीओ कार्यालय में आवेदन करना होगा।
वाहन मालिकों का पता तक नहीं
सड़कों पर ऐसे भी वाहन दौड़ रहे हैं, जिनके मालिकों का वाहन चलाने वालों को पता तक नहीं है। उनसे जानकारी की जाती है तो वह बताते हैं कि हमने किसी अन्य से वाहन खरीदा है। ये ऐसे वाहन हैं, जो पांच से छह बार तक बिक चुके हैं। इनमें अधिकतर दिल्ली, हरियाणा व अन्य राज्यों के वाहन हैं।
वाहन मालिक को मिलेगा क्लेम
एआरटीओ विपिन कुमार ने बताया कि वाहन मालिक को ही जब्त किए गए वाहनों का क्लेम मिलेगा। यदि वाहन मालिक की मृत्यु हो गई है तो उसके वारिस दावा कर सकते हैं। उसके लिए उन्हें वारिसान प्रमाण पत्र और जितने वारिस हैं, सभी को शपथ पत्र जमा कराना होगा। उनमें से किसे क्लेम दिया जाए, उसके लिए भी अनापत्ति प्रमाण पत्र देना होगा? जिनके मालिकों का कोई अता-पता नहीं है। उन वाहनों का रिकॉर्ड विभाग के पास रहेगा। वह रिकॉर्ड हमेशा के लिए रहेगा। संबंधित वाहन मालिक कभी भी दावा कर सकता है। अगर कोई कभी दावा नहीं करेगा तो उस वाहन को लावारिस में रिकॉर्ड में रखा जाएगा।
सरकारी वाहनों के खिलाफ भी चलेगा अभियान
बागपत कलक्ट्रेट, बड़ौत तहसील, बागपत तहसील व चीनी मिलों में पुराने वाहन सड़कों पर दौड़ाए जा रहे हैं। सरकारी वाहनों को जब्त करने के लिए डीएम की अनुमति ली जाएगी। इसके बाद वाहनों को जब्त करने के बाद स्क्रैप सेंटर भेजा जाएगा। एआरटीओ विपिन कुमार ने बताया कि इसके लिए डीएम को पत्र लिखा गया है।
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पुराने वाहन अगर सड़कों पर चलते मिले तो उसको जब्त कर लिया जाएगा। इस अभियान को जारी रखा जाएगा। वाहन जब्त होने पर किसी को आपत्ति है तो वह उस आपत्ति को लिखित में कार्यालय में दर्ज करा सकते हैं।
-विपिन कुमार, एआरटीओ