देशखाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह।
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बागपत में भूजल स्तर में गिरावट और बर्बाद किए जा रहे पेयजल को बचाने के लिए खाप चौधरी जागरूकता अभियान चलाएंगे। गांवों में सभाएं आयोजित की जाएगी, जिनमें पानी की बरबादी नहीं रोकी गई तो भविष्य पर संकट खड़ा होने के प्रति जागरूकता लाई जाएगी। अन्य खाप के चौधरियों से 15 मई के बाद यह अभियान चलाने का आह्वान किया जाएगा।
बड़ौत की देशखाप चौरासी के चौधरी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि बागपत में भूजल स्तर का संकट है। चौगामा क्षेत्र में सबसे अधिक परेशानी है। कई सौ फीट पर भी पीने के लायक पानी नहीं मिल रहा है। यहां से बहने वाली कृष्णा और हिंडन नदी के प्रदूषित पानी से किसान बरबादी की कगार पर है। बीमारियां घेर रही है और खेतों में बड़ा नुकसान हो रहा है। गांव-गांव और गली-गली में पेयजल को नालियों में बहाया जा रहा है।
सबमर्सिबल से जरूरत से अधिक पानी का दोहन किया जाता है। यह बेहद चिंताजनक है। हालात नहीं सुधरे तो भविष्य में यहां अन्य प्रदेशों जैसे हालात बन जाएंगे। बागपत, शामली और मुजफ्फरनगर के खाप पंचायत के चौधरियों से मिलकर इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया जाएगा। देशखाप के किशनपुर बराल, मलकपुर, बामनौली, बावली और हिलवाड़ी समेत अन्य जगहों पर बैठक कर 15 मई के बाद जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
उधर, बड़ौत में बरवाला गांव में शुक्रवार को पानी बचाओ जीवन बचाओ रैली निकाली गई। इसमे अंधाधुंध जल दोहन के विरोध में लोगों को जागरूक किया गया। द्रोण पब्लिक स्कूल शेरपुर लुहारा के तत्वावधान मेें निकाली गई रैली गांव के मुख्य मार्गों गुजरी। रैली के दौरान बच्चों ने जगह-जगह नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को अंधाधुंध जल दोहन के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि जल है तो जीवन है, जल नहीं तो कल नहीं आदि संदेश दिया। बच्चों ने जल संरक्षण से होने वाले लाभों से भी अवगत कराया। लोगों ने जल की हो रही बर्बादी को रोकने का भी संकल्प लिया। प्रधानाचार्य विनोद कुमार मान ने भी विचार रखे।