बागपत। खेकड़ा के कृषि विज्ञान केंद्र में हाईटेक नर्सरी में सब्जियों की पौध पर शोध के लिए आखिर पानी मिल ही गया। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद अधिकारियों ने मामले में हस्तक्षेप किया और पानी की व्यवस्था कराई। इस तरह जिला उद्यान विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारियों के बीच पानी को लेकर चल रही खींचतान भी खत्म हो गई। खेकड़ा के कृषि विज्ञान केंद्र में एक करोड़ 28 लाख रुपये खर्च करके हाईटेक नर्सरी का निर्माण किया गया। नर्सरी को जिला उद्यान विभाग को दिया गया। इस नर्सरी में सब्जियों की उन्नत किस्म की शोधित पौध तैयार करके किसानों को देनी है।
वहां पौध तैयार करने को एक हेक्टेयर में पॉलीहाउस बनाया गया और इसमें तैयार होने वाली पौध पर पैदावार व रोग लगने की स्थिति देखने को पांच बीघा जमीन है।
इसमें पॉलीहाउस में तैयार पौध को लगाया जाता है। मगर, शोध पूरा होने से पहले ही जिला उद्यान विभाग व कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारियों में पांच बीघा जमीन में लगाई गई पौध की सिंचाई को लेकर विवाद हो गया था। इस मामले मामले में जिला उद्यान अधिकारी दिनेश अरुण ने सीडीओ, डीएम, उपनिदेशक, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विवि मोदीपुरम मेरठ के प्रसार निदेशक को पत्र भेजकर मामले से अवगत कराया।
इसके साथ ही अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद अधिकारियों ने मामले में हस्तक्षेप किया। इसमें समाधान निकालते हुए फसलों की सिंचाई कराने के लिए पानी दिलाया गया।