- पेयजल टंकी व पाइप लाइन ठीक कराने के लिए छह करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा, आपत्तियों का भी निस्तारण भी किया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। औद्योगिक क्षेत्र में लंबे समय बाद पानी की समस्या का समाधान होने वाला है और उद्यमियों को उनकी फैक्टरी में टंकी की पाइपलाइन से पानी पहुंचाया जाएगा। इसके लिए यूपीसीडा के अफसरों ने छह करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर भेजा। आईआईटी दिल्ली से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद फाइल शासन को भेज दी गई हैं। जिसकी मंजूरी मिलने के बाद मरम्मत कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
जिला मुख्यालय पर करीब पंद्रह साल पहले औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की गई थी। उद्यमियों की सुविधा के लिए पेयजल टंकी भी बनाई गई थी, लेकिन उससे पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हुई। पिछले कई सालों से जिला उद्योग बंधु समिति की बैठकों में बार-बार पेयजल टंकी के संचालन का मुद्दा उठाया गया। साथ ही बागपत इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पेयजल टंकी शुरू कराने की मांग की।
यूपीसीडा के अफसरों ने समस्या पर संज्ञान लेकर पेयजल टंकी की जांच कराई। उसकी रिपोर्ट आईआईटी दिल्ली को भी भेजी गई। जांच के बाद आईआईटी दिल्ली ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी और यूपीसीडा के मुख्यालय से भी मंजूरी मिलने के बाद शासन को भेज दिया गया। छह करोड़ रुपये के प्रस्ताव में पेयजल टंकी की मरम्मत के साथ नई पाइपलाइन बिछाने के अलावा अन्य कार्य कराए जाएंगे। शासन से प्रस्ताव पर दो आपत्तियां भेजी गई, जिसका यूपीसीडा के अफसरों ने समाधान कराकर रिपोर्ट भेज दी।
- लंबे समय से पेयजल टंकी शुरू कराने की मांग की जा रही थी। अब पेयजल टंकी शुरू होने से उद्यमियों को सुविधा मिलेगी। इससे पानी पर होने वाला खर्चा भी बचेगा। - आशीष जैन, उद्यमी
- उद्यमी लगातार पानी का टैक्स दे रहे थे, लेकिन सुविधा नहीं मिल रही थी। अब पेयजल टंकी का प्रस्ताव भी शासन में पहुंच गया हैं। पेयजल टंकी शुरू होने से काफी फायदा होगा। - दिनेश गोयल, अध्यक्ष, बागपत इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन
वर्जन-प्रस्ताव पर शासन से आपत्तियां भेजी गई थी, जिनका निस्तारण करा दिया गया हैं। उम्मीद है कि जल्द ही शासन से प्रस्ताव को मिल जाएगी। इसके बाद काम शुरू करा दिया जाएगा। नवीन कुमार जैन, वरिष्ठ प्रबंधक, यूपीसीडा
उद्यमी की खबर से संबंधित फोटो। निवाड़ा गांव स्थित औद्योगिक क्षेत्र का मुख्य द्वार। संवाद
उद्यमी की खबर से संबंधित फोटो। निवाड़ा गांव स्थित औद्योगिक क्षेत्र का मुख्य द्वार। संवाद