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पूर्व प्रधानाचार्य व एथलीट आत्माराम जिंदगी से जंग हारे

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सांस लेने में तकलीफ होने पर तीन दिन पूर्व कराया गया था चंडीगढ़ अस्पताल में भर्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
रमाला। शूटर दादी चंद्रो की मौत के बाद अब पूर्व प्रधानाचार्य व एथलीट आत्माराम तोमर ने भी जिंदगी से जंग हार गए। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर दर्जनों मैडल जीते। खेल जगत में उनके जाने से काफी क्षति हुई है।
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कंडेरा निवासी पूर्व प्रधानाध्यापक आत्माराम तोमर ( 68) ने हाफ मैराथन दौड़ में दर्जनों गोल्ड मेडल जीते थे। 14 मार्च को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में हुई राष्ट्रीय मास्टर एथलेटिक चैंपियनशिप में 5000 मीटर की दौड़ केवल 30 मिनट में पूरी कर गोल्ड मेडल जीता था। उन्होंने छत्तीसगढ़ ने हुई राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भी गोल्ड प्राप्त किया। उन्होंने क्षेत्र के भी युवाओं को खेल के लिए प्रेरित किया। शिक्षा जगत में भी उनका काफी योगदान रहा। रिटायर होने के बाद भी वह अपने घर पर ही बच्चों को निशुल्क शिक्षा देते रहे। उनके बेटे सुधीर तोमर ने बताया कि एक सप्ताह पहले उन्हें बुखार की शिकायत हुई तो उन्होंने गांव से ही दवा ले ली। तीन दिन पूर्व सांस लेने में परेशानी होने पर उन्हें चंडीगढ़ के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। वहां उनकी तबीयत और अधिक बिगड़ गई। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। सोमवार देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली। मंगलवार को उनका हॉस्पिटल में ही परिजनों की देखरेख में अंतिम संस्कार किया गया। उनके एक बेटा सुधीर व एक बेटी पारूल हैं। दोनों की शादी हो चुकी है। उनकी मौत की खबर से गांव में गम का माहौल है।
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