- कृषि विधेयकों के विरोध में सुबह 11 से दोपहर दो बजे तक सड़कों पर उतरेंगे भाकियू कार्यकर्ता
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। कृषि विधेयकों के विरोध में भाकियू ने शुक्रवार को किसान कर्फ्यू का एलान किया है। जिले में 15 स्थानों पर किसान सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। मांग जाम होने से आवागमन में परेशानी खड़ी होगी। भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर ने कहा कि सरकार विरोधी रवैये के कारण किसानों को सड़क पर उतरने को मजबूर होना पड़ा है।
भाकियू जिलाध्यक्ष ने बताया कि शुक्रवार सुबह 11 बजे से जिले में किसान कर्फ्यू लगाया जाएगा। भाजपा सरकार ने जिन कृषि विधेयकों को मंजूरी दी है, वह किसान विरोधी है। छोटी जोत के किसान को मजदूर बनाने की तैयारी है। किसान पूरी तरह कंपनियों पर निर्भर हो जाएगा। कंपनियां खेतों में जाकर अपनी मनमर्जी से भाव तय करेगी। मनमर्जी से फसल खरीदी जाएगी। सरकार अपनी जवाबदेही से बचना चाह रही है। किसान इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। शुक्रवार को जिले के हर मुख्य मार्ग को जाम किया जाएगा।
इन जगह पर भाकियू लगाएगी जाम
बागपत। नगर के राष्ट्रवंदना चौक, बड़ौत नगर, किशनपुर बिराल बस स्टैंड, रमाला, पुसार, भड़ल, दाहा, अग्रवाल मंडी टटीरी, हिसावदा, ट्योढ़ी, बालैनी, बिनौली, बरनावा, खेकड़ा, सरूरपुर कलां में जाम लगाया जाएगा।
कार्यकर्ता एंबुलेंस, बीमारों, बच्चों और सेना के वाहनों को जानें दें
बागपत। भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए है कि एंबुलेंस, बीमार लोगों को ले जा रहे वाहन, स्कूली बच्चों के वाहन और सेना के वाहनों को न रोके। कार्यकर्ता सद्भाव का परिचय दें और आमजन को कम से कम परेशानी होने दें।
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किस विधेयक में क्या
- कृषक उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवधर्न एवं सुविधा) बिल से किसान को फसल सरकारी मंडियों में बेचने की बाध्यता खत्म होगी। किसान अपनी फसल कहीं भी बेच सकेंगे।
- कृषक कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार बिल के जरिये किसान फसल बोने से पहले ही अनुबंध कर सकेगा। अनुबंधित किसानों को समय पर भुगतान की सुविधा।
- आवश्यक वस्तु अधिनियम संशोधन बिल के तहत किसानों को कहीं भी फसल बेचने की छूट होगी। किसानों को उत्पाद, उत्पाद जमा सीमा, आवाजाही और आपूर्ति की छूट होगी।