गांव छोड़कर जा रहे परिवार को मनाते गांव के गणमान्य।
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बामनौली गांव में पट्टे की जमीन कब्जा मुक्त न होने से क्षुब्ध होकर पीड़ित गांव से पलायन करके जाने लगे। ग्रामीणों ने पलायन कर रहे लोगों को समझाकर गांव में ही रोक लिया।
बामनौली गांव में सन 1976 में सरकार द्वारा चौदह लोगों को पांच पांच बीघा जमीन के पट्टे दिए थे जो नसबंदी कराने के बाद मिले थे। पट्टे पर एक वर्ष बाद ही कुछ लोगों अवैध कब्जा किए हैं। अभी तक जमीन कब्जा मुक्त नहीं कराई। प्रशासन गांव में कई बार पैमाईश करने आई, लेकिन जमीन उनको नहीं मिली।
पीड़ितों ने पांच दिन पहले पलायन करने की अफसरों को चेतावनी दी थी। पीड़ित महेश पाल अपने साथी राजेंद्र, कृष्ण, राज कुमार, राकेश, जयवीर, शीशराम, रामफल पलायन करने लगे। वे गांव के बाहर तक चले गए थे। पता चलते ही गांव के जिम्मेदार लोग उनके पास पहुंचे और वापस ले आए। कहा 15 दिन में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो अन्य सभी लोग उनका साथ देंगे।