ग्राम पंचायत और ग्राम विकास अधिकारी संघ ने विकास भवन में अफसरों के खिलाफ प्रदर्शन कर धरना दिया। उन्होंने कहा शीघ्र ग्राम विकास अधिकारियों के खिलाफ दर्ज कराए मुकदमे वापस नहीं हुए तो उग्र आंदोलन होगा। वीडीओ के धरने पर ग्राम प्रधान संगठन के सदस्य भी पहुंचे।
बृहस्पतिवार को जिलेभर के वीडीओ विकास भवन पहुंचे। जिले के अफसरों के खिलाफ नारेबाजी कर धरना दिया। उन्होंने कहा मनरेगा में नियम विरुद्ध कार्य करने के लिए दबाव डाल रहे हैं और विरोध करने पर निलंबित और वेतन रोकने की धमकी दी जा रही है।
उन्होंने कहा मनरेगा के कार्यों में सचिवों के साथ अधिकारियों की भी जिम्मेदारी होती है। यदि वह इसका विरोध करते हैं तो उन पर मुकदमे दर्ज कराने की धमकी दी जा रही है। पिलाना ब्लॉक के सात कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई, जो अन्याय है। वह इस तरह की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करेंगे। सभी ने सीडीओ और डीडीओ के खिलाफ नारेबाजी की।
एफआईआर वापस नहीं लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी। वहीं ग्राम प्रधान संगठन भी सचिवों के धरने में शामिल हुए। शेखपुरा के प्रधान जनेश्वर बागड़ी ने कहा जिले के अधिकारी प्रधानों का भी शोषण कर रहे हैं।
गांवों में विकास कार्य नहीं करने दे रहे हैं। उन्होंने कहा विकास भवन के अफसरों ने अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं किया तो वह सार्वजनिक रूप से आत्मदाह को मजबूर हो जाएंगे। प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष रामपाल धामा, हरेंद्र चौधरी, श्रद्धानंद त्यागी, शैलेंद्र सिंह, रवि नैन सहित वीडीओ लोकपाल सिंह, प्रमोद, कर्मवीर, कृष्णपाल, संजय, फारूख, सर्वेश, शाहिद, सुबोध, ललित, प्रदीप आदि रहे।