बड़ौत (बागपत)।
रालोद कार्यालय में हुई बैठक में किसान आंदोलन में मध्य प्रदेश में पुलिस की गोली से मारे गए किसानों और महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में आत्महत्या कर रहे किसानों के हक की लड़ाई को लड़ने के लिए होने वाले आंदोलन को सफल बनाने की रणनीति बनाई। इसमें वक्ताओं ने कहा प्रदेश सरकार के तीन माह होने पर रालोद प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन करेगा।
इस बैठक में पूर्व विधायक चौधरी साहब सिंह ने कहा किसानों की लड़ाई के लिए रालोद कार्यकर्ता तैयार हैं । उन्होंने कहा भाजपा सरकार में किसानों को बुरे दिन देखने को मिले हैं। छपरौली के विधायक सहेंद्र सिंह ने कहा चुनाव में भाजपा नेताओं ने किसानों के गन्ने का भुगतान 14 दिन में दिलाकर किसानों के अच्छे दिन लाने का वायदा किया था, किंतु प्रदेश में भाजपा की सरकार बने तीन माह पूरे होने जा रहे हैं, अभी तक न तो किसानों का एक रुपये का कर्ज माफ नहीं किया और न ही गन्ने का भुगतान हुआ।
रालोद के जिलाध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने कहा बीजेपी सरकार किसानों का मजाक बना रही है और दिन प्रतिदिन किसानों का लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने कहा रालोद किसानों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने बताया प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन कर किसानों की समस्या के निराकरण के लिए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया जाएगा। इसकी अध्यक्षता राष्ट्रीय सचिव सुखबीर सिंह गठीना ने की। संचालन सुरेश ने किया।
इसमें पूर्व विधायक वीरपाल राठी को किसान प्रकोष्ठ का पश्चिमी उप्र का अध्यक्ष बनाने पर खुशी जताई। इसमें पूर्व विधायक वीरपाल राठी, डॉ. अजय तोमर, नीरज पंडित, प्रमेंद्र तोमर, डॉ. इरफान मलिक, डॉ. महक सिंह, सतेंद्र प्रमुख, रामकुमार चेयरमैन, राजू तोमर, मित्रमुनि, हाजी जमीरूद्दीन अब्बासी, डॉ. कृपाल सिंह, दीपू तोमर, सुबोध राणा, भंवर सिंह कश्यप, सलाऊदीन, विकास प्रधान, विनोद खेड़ा, सुरेश कौशिक, रणबीर सिंह, डॉ. हरपाल सिंह, विक्रम सिंह आर्य आदि रहे।