बागपत की बड़ौत पुलिस ने शुक्रवार की रात में चेकिंग के दौरान बावली रेलवे अंडर पास से चोरी की बाइकों से जा रहे अंतरराज्यीय बाइक चोर गिरोह के पांच मेंबरों को दबोचा। इनमें एक किशोर भी शामिल है। पुलिस ने उनसे तीन बुलेट, दो स्कूटी समेत 20 चोरी की बाइकें बरामद की और इनके पास से दो तमंचे भी बरामद किए।
क्षेत्र में बढ़ती बाइक चोरी की वारदातों को देख एसपी पूनम और एएसपी के निर्देशन में सीओ बड़ौत कर्मवीर सिंह, सीओ अपराध श्वेताभ पांडेय, कोतवाली प्रभारी मुकेश कुमार के नेतृत्व में अभियान शुरू किया। शुक्रवार को शाम के समय एसएसआई राजपाल सिंह छपरौली चुंगी पर चेकिंग कर रहे थे, तभी उन्हें गोपनीय सूचना मिली की कि चार-पांच बदमाश बावली रेलवे अंडर पास की तरफ से चोरी की बाइकों के साथ आ रहे हैं। इसके बाद उन्होंने वहां जाकर घेराबंदी की। जैसे ही बदमाश बाइकों से पहुंचे तो पुलिस को देखकर वे भागने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें घेरकर पकड़ लिया।
सीओ कर्मवीर सिंह ने बताया गिरफ्तार चोरों में अमित पुत्र रणदेव गोपी पट्टी बावली, अशोक पुत्र सुभाष गोपी पट्टी बावली, बाल अपचारी 13 वर्षीय सन्नी पुत्र अनिल गोपी पट्टी बावली, शिवम उर्फ पहलवान पुत्र वीर सैन पट्टी राणा बावली, प्रदीप पुत्र शिवदान सिंह फफराना थाना मोदीनगर जनपद गाजियाबाद के रहने वाले हैं। पूछताछ के बाद उन्होंने बड़ौत समेत अन्य जनपदों से चोरी की गई 20 मोटर साइकिलें बरामद कराई। इनमें तीन बुलेट, दो स्कूटी भी शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से 315 बोर के दो तमंचे भी बरामद किए हैं। इस गिरोह का सरगना अमित और शिवम उर्फ पहलवान हैं।
वाहन चोर गिरोह में एक किशोर भी
बड़ौत। गिरफ्तार वाहन चोरों में में अमित बीए, आकाश कक्षा नौ, सन्नी कक्षा नौ, अनिल बीए, प्रदीप ने कक्षा छह के बाद पढ़ना छोड़ना दिया है। उन्होंने बताया पैसा कमाने के लिए अपराध की दुनिया में उतरे और उन्होंने तीन माह में ही बाइक चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है। गिरफ्तार चोरों में 13 वर्षीय सन्नी को भी गिरोह के सरगना ने अपराध दुनिया में उतार दिया। वह मात्र 13 वर्ष का है और कक्षा नौ में पढ़ रहा है।
पैसे की तंगी ने बना दिया चोर
बड़ौत। पुलिस द्वारा पकड़े गए बाइक चोर गिरोह में शिवम उर्फ पहलवान उर्फ छोटू पुत्र वीर सैन राणा पट्टी बावली कुश्ती में 60 किलोग्राम भार वर्ग में इंटर स्टेट में कांस्य पदक जीत चुका है, लेकिन पैसे की तंगी के चलते उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा। अब उसका भविष्य भी अंधकारमय हो गया है।