बागपत। निवाड़ा गांव के वाल्मिकी समाज के लोगों ने श्मशान घाट की जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जमीन को कब्जामुक्त नहीं किया जाता है तो वह गांव से पलायन करेंगे। उन्होंने कलक्ट्रेट प्रभारी को ज्ञापन सौंपा।
लोगों ने बताया कि गांव में वाल्मिकी समाज की आठ बीघा जमीन श्मशान घाट की है। वहां समाज के लोग अंतिम संस्कार करते हैं। जमीन पर प्रधान हसमत चौधरी कुछ लोगों के साथ मिलकर कब्जा कर रहे हैं। यदि कोई विरोध करता है तो उनके साथ मारपीट की जाती है और शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है। उन्हें अपनी जान का खतरा बना हुआ है और इसलिए गांव से पलायन किया जाएगा। गांव में रहेंगे तो उनपर कभी भी हमला हो सकता है। उन्होंने कलक्ट्रेट प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान मनोज, श्योराज, कृष्णपाल, बेगराज, अमित, रामधन, दीपक, संदीप, सुनील, अमन मौजूद रहे।
- बंजर जमीन को श्मशान की बता रहे, पैमाइश हो चुकी
प्रधान हसमत चौधरी का कहना है कि ग्रामीण बंजर जमीन को श्मशान की जमीन बता रहे हैं। तहसील की टीम ने पैमाइश भी की थी, लेकिन जमीन श्मशान की नहीं मिली। ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोप गलत हैं और उन्हें किसी भी तरह की धमकी नहीं दी गई। मैं खुद ही तहसीलदार से दोबारा जमीन की पैमाइश कराने की मांग कर चुका है। यदि राजस्व विभाग की जांच में श्मशान घाट की जमीन मिलती है तो उनको तहसीलदार दे सकते हैं।