अब तक ग्रामीण में 36 फीसदी और शहरी क्षेत्र में 23 प्रतिशत गोल्डन कार्ड बनें
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिले में गोल्डन कार्ड बनवाने में शहरी क्षेत्र पिछड़ रहा है। अब तक गामीण क्षेत्रों में 36.45 फीसदी जबकि शहरी क्षेत्र में केवल 23.86 प्रतिशत लोगों के ही गोल्डन कार्ड बन पाए है। जिले में लगभग 51 फीसदी परिवार अभी भी योजना से दूर है।
गरीबों को पांच लाख रुपये तक का नि:शुल्क उपचार कराने के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना का शुभारंभ किया था। जिले को 45 हजार 23 परिवारों के दो लाख 25 हजार 115 पात्रों के गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इनमें से 774 परिवार के 3870 पात्रों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत चयनित किया गया है। जिले में अब तक लक्ष्य के सापेक्ष 49 फीसदी परिवारों के ही गोल्डन कार्ड बन पाए है, जबकि 51 फीसदी परिवार अभी योजना से दूर है। गोल्डन कार्ड बनवाने में ग्रामीण क्षेत्र के बजाए शहरी क्षेत्र के लोग काफी पीछे है। जिले में शहरी क्षेत्र में 23.86 जबकि ग्रामीण क्षेत्र में 36.45 पात्रों के गोल्डन कार्ड बनें है।
ग्रामीण क्षेत्र में गोल्डन कार्ड की स्थिति
ब्लॉक परिवार लक्ष्य गोल्डन कार्ड
बागपत 5363 26815 9844
बड़ौत 6104 30520 11743
बिनौली 5032 25160 8154
छपरौली 2783 13915 4870
खेकड़ा 3696 18480 6529
पिलाना 5597 27985 10934
कुल 28575 142875 52074
शहरी क्षेत्र में गोल्डन कार्ड की स्थिति
बड़ौत 4871 24355 6255
बागपत 5386 26930 5855
बिनौली 1410 7050 2228
खेकड़ा 2873 14365 2465
छपरौली 904 4520 1337
पिलाना 230 1155 557
कुल 15674 78370 18697
प्रति लाख जनसंख्या के आधार पर गोल्डन कार्ड बनाने में जिले का प्रथम स्थान है। ग्रामीण क्षेत्र के मुकाबले शहरी क्षेत्र में गोल्डन कार्ड बनवाने की गति धीमी है। शीघ्र ही अभियान चलाकर पात्र लोगों के गोल्डन कार्ड बनवाएं जाएंगे। - डॉ आरके टंडन, सीएमओ।