अग्रवाल मंडी टटीरी (बागपत)। मेरठ-बागपत हाईवे निर्माण के लिए शुक्रवार को मकान और दुकान तोड़ने पहुंचे कंपनी के कर्मचारियों का लोगों ने विरोध कर हंगामा किया। नागरिकों ने दस मीटर से अधिक भूमि पर हाईवे का निर्माण करने पर मुआवजे की मांग की। इस दौरान तहसीलदार प्रसून कश्यप के साथ भी नोकझोंक भी हुई। इसके बाद कंपनी के कर्मचारी जेसीबी लेकर लौट गए। वहीं, भाकियू नेता के नेतृत्व में पीड़ितों ने कलक्ट्रेट में धरना दिया।
मेरठ-बागपत हाईवे निर्माण के लिए कंपनी ने कर्मचारियों ने सड़क के मध्य से दोनों ओर 13-13 मीटर पर निशानदेही की है। इससे कस्बे के लगभग दो सौ मकान, दुकान और एक मंदिर जद में आ गए हैं। हाईवे निर्माण कराने के लिए कंपनी के कर्मचारी तहसीलदार प्रसून कश्यप व कोतवाली प्रभारी एनएस सिरोही के साथ पहुंचे। यहां चौधरी हिम्मत सिंह के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने मकान व दुकान तोड़ने का विरोध कर हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना है कि हाईवे की जगह दोनों ओर दस-दस मीटर है। इससे अधिक पर निर्माण करने के लिए प्रभावितों को मुआवजा देना होगा। उनका कहना है कि पीडब्ल्यूडी व जिलाधिकारी से इस बारे में पूर्व में वार्ता की गई थी। जमीन के मालिकाना हक के दस्तावेज तहसील में अधिकारियों को उपलब्ध कराए जा चुके हैं। उन्होंने चेताया कि हाईवे निर्माण के लिए जबरन मकान नहीं तोड़ने देंगे। काफी देर तक चले हंगामे और विरोध के बाद कंपनी का ठेकेदार लौट गया।
कोतवाली प्रभारी एनएस सिरोही ने कहा कि पुलिस का काम शांति व्यवस्था बनाना है। उच्चाधिकारी जो भी आदेश करेंगे उसका पालन कराया जाएगा। इसके बाद चौधरी हिम्मत सिंह के नेतृत्व में पीड़ित दुकानदारों व मकान मालिकों ने कलक्ट्रेट पर धरना दिया। यहां अधिवक्ता सौरभ मानव, शौकत अली, नसीम खान, राकेश, यूनुस, लियाकत, यूसुफ खान, अनस, डॉ. सुनील अग्रवाल, अय्यूब, अवध कुमार, महिपाल सिंह, अजय, ठाकुर संजय सिंह रहे।
राजस्व विभाग के रिकार्ड का परीक्षण कराया जाएगा। जितनी भूमि राजस्व विभाग के रिकार्ड में है, उतनी भूमि अधिग्रहण की जाएगी। यदि रिकार्ड से अधिक भूमि निर्माण कार्य में जाती है तो उसे नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। - राजकमल यादव, डीएम बागपत।