मांगों के समर्थन में कलक्ट्रेट में ज्ञापन देने जा रही आशा कार्यकत्रियों को पुलिस ने मुख्य गेट पर ही रोक लिया। विरोध में यहां खूब हंगामा हुआ। आशाओं की पुलिस के साथ नोकझोंक भी हुई। इस दौरान दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर जाम लगाने का प्रयास किया। उन्होंने सीएम अखिलेश यादव के नाम संबोधित ज्ञापन एडीएम डीपी सिंह को सौंपा।
शुक्रवार को आशा वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले आशा कार्यकर्ता कांग्रेस नेत्री लता चौधरी के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंची। उन्होंने कहा पिछले काफी समय से वह आठ सूत्रीय मांगों को लेकर शासन से मिले चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
राज्य कर्मचारी घोषित करने, योग्यता के आधार पदोन्नति, सभी मदों से भुगतान, चिकित्सालयों पर विश्राम, मंडल और जनपदों में कार्यालय कक्ष आवंटित, आशा बहू का उत्पीड़न पर रोकने, मृतक आश्रितों को सेवायोजित, एनआरएचएम में बढ़ रहे भ्रष्टाचार पर रोक, नगर निगम की सीमा में आने वाले गांवों में आशाओं को पृथक न करने की मांग है।
मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को देने पहुंची आशा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गेट पर रोक दिया। इस दौरान पुलिस से उनकी नोकझोंक भी हुई। हाईवे पर जाम लगाने का प्रयास भी किया। पुलिस ने उन्हें किसी तरह जाम लगाने से रोक दिया। जिला प्रभारी रविंद्र गुप्ता, शशी देवी, शीतल, सुदेश, ऋतु, मुकेश, डिंपल, बबीता, सविता, मोनिका, महजीवन, राजकुमारी, लीलावती, अनीता, सविता, मनोरमा, लक्ष्मी, नीशू आदि मौजूद रहीं।