बागपत के रमाला गांव का रहने वाला तुषार चौहान आतंकी गतिविधियों के कनेक्शन में नोएडा से पकड़ा गया है। बताया जा रहा है कि उसने आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी, जबकि उसके दादा स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के रमाला गांव का रहने वाला युवक तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली आतंकी गतिविधियों के कनेक्शन में नोएडा से पकड़ा गया है। इस मामले के सामने आने के बाद गांव में चर्चा का माहौल है। बताया जा रहा है कि तुषार ने आठवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और पिछले करीब दस वर्षों से गांव में भी नहीं आया था।
आठवीं के बाद छोड़ दी पढ़ाई
जानकारी के अनुसार तुषार की परवरिश और पढ़ाई मेरठ में हुई थी। ग्रामीणों का कहना है कि वह आठवीं कक्षा के बाद कभी स्कूल नहीं गया। पिछले करीब दस साल से वह गांव भी नहीं आया था। उसका परिवार मेरठ में ही रहकर अपना कामकाज करता है।
दादा रहे स्वतंत्रता सेनानी
तुषार के दादा गोवर्धन सिंह स्वतंत्रता सेनानी रहे थे। वहीं उसके पिता शैलेंद्र मेरठ के गंगानगर क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। गांव में उसके चाचा खेती-बाड़ी करते हैं और समय-समय पर जमीन की उगाही लेने के लिए गांव आते रहे हैं।
परिवार ने तोड़ा रिश्ता
तुषार के पकड़े जाने की खबर सामने आने के बाद परिवार ने उससे रिश्ता तोड़ने की बात कही है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में स्थित उनका मकान भी अब खंडहर में तब्दील हो चुका है और परिवार का वहां से ज्यादा संपर्क नहीं रहा है।