सर, मैं नाबालिग हूं। अभी पढ़ाई करना चाहती हूं। मगर परिजन मेरी शादी करा रहे हैं और मेरी बरात भी आ गई है। प्रोबेशन विभाग में पाली गांव से फोन पर एक किशोरी ने अपनी यह पीड़ा बताई। इसके बाद टीम वहां पहुंची तो सरूरपुर से बरात आई हुई थी। मगर विभाग ने शादी को रुकवाया और अब किशोरी की पढ़ाई विभाग कराएगा।
पाली गांव की 15 वर्षीय किशोरी की परिजनों ने सरूरपुर कलां गांव में शादी तय कर दी। सोमवार की रात को सरूरपुर कलां गांव से बरात गांव में पहुंच गई थी, मगर किशोरी शादी नहीं करना चाहती थी। किशोरी ने किसी तरह मोबाइल लेकर वन स्टॉप सेंटर में फोन किया और अपनी उम्र कम बताते हुए शादी रुकवाने की गुहार लगाई। इसकी सूचना प्रोबेशन अधिकारी मुशफेकीन को दी गई तो वह पुलिस को साथ लेकर गांव में पहुंचे और किशोरी के परिजनों से बातचीत की।
इसके बाद किशोरी के दस्तावेज देखे तो उसकी उम्र केवल पंद्रह साल निकली। उन्होंने किशोरी और दूल्हे के परिजनों को कार्रवाई करने की चेतावनी दी। इसके बाद बरात वहां से बिना दुल्हन के वापस गई। प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि किशोरी के बयान दर्ज करने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
पढ़ाई करना चाहती है किशोरी, कक्षा छह में होगा दाखिला
किशोरी पढ़ाई करना चाहती है, मगर परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण पढ़ाई छोड़नी पड़ी। अब किशोरी का कक्षा छह में दाखिला कराया जाएगा और सरकार की योजना का लाभ देकर उसकी पढ़ाई कराई जाएगी। योजना के तहत किशोरी को हर माह चार हजार रुपये मिलेंगे, जिससे वह अपनी पढ़ाई का खर्च उठा सकेंगी।