एक घंटे तक अस्पताल के सिक्योरिटी गार्ड और स्टॉफ महिला की जांच कराने के बजाए उनसे सवाल-जवाब करते हैं। समय पर इलाज न मिलने के कारण महिला की मौत हो गई। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर समय पर इलाज उपलब्ध न कराने का आरोप लगाया है। बाद में परिजन महिला का पोस्टमार्टम कराए बिना वापस ले गए।
सीएमएस डॉ. एसके चौधरी का कहना है कि महिला के परिजनों ने बताया कि महिला का चार दिन पूर्व गर्भवात कराया गया था। हो सकता है उसके कारण महिला की तबीयत बिगड़ गई हो।
अस्पताल में महिला के इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई। इसके बावजूद भी एक महिला चिकित्सक सहित तीन सदसीय टीम का गठन कर जांच कराई जा रही है। जांच में कोई भी अनियमितता मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।