शहजाद की हत्या करने के बाद हत्यारोपी सूरज ने परिजनों से महिला की आवाज में तीन लाख रुपयों की फिरौती मांगी थी। फिरौती मिलने के बाद हत्यारोपी की योजना बड़ौत छोड़कर भागने की थी, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे धर दबोचा और हत्या का खुलासा कर दिया।
शहजाद की हत्या का आरोपी सूरज।
- फोटो : अमर उजाला
शहजाद पिछले 10 साल से अमित चिकारा की गारमेंट की दुकान पर नौकरी करता था। शहजाद के छह भाई नौशाद, तस्लीम, यूनुस आदि हैं। कुछ साल पहले ही शहजाद की शादी हुई थी। गत 29 अगस्त को शहजाद दुकान से घर के लिए चला था, लेकिन वह घर पर नहीं पहुंचा। दुकानदार अमित चिकारा ने ही कोतवाली में ही तहरीर देकर गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
हाईवे पर जाम लगाते शहजाद के परिजन।
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हालांकि 30 अगस्त को ही परिजनों ने महिला की आवाज में तीन लाख रुपये की फिरौती मांगने व अपहरण की बात पुलिस को बताई। पुलिस ने दावा किया कि सूरज व शहजाद की दोस्ती थी। दोनों गत बृहस्पतिवार शाम रेलवे गोदाम के पास चले गए। जहां पर शहजाद ने सूरज की जेब से करीब सौ रुपये निकाल लिए। बाद में विवाद होने पर सूरज ने शहजाद का सिर गाटर में मार दिया, जिससे शहजाद बेहोश हो गया था। इसके बाद सूरज अपने घर चला गया था, लेकिन रात में सूरज शहजाद को देखने गया था कि वह वहीं पर है या चला गया। जब सूरज वहां गया तो शहजाद की मौत हो चुकी थी। इसके बाद पकड़ने जाने के डर से सूरज ने शहजाद का शव वहीं पास में झाड़ियों में छिपा दिया और उसके बाद उसने परिजनों से फोन पर महिला की आवाज में तीन लाख रुपयों की फिरौती मांगी।
सूरज की योजना थी कि रुपये मिलने के बाद बड़ौत छोड़कर कहीं दूसरी जगह चला जाएगा, लेकिन उससे पहले ही सूरज को पुलिस ने धर दबोचा। आखिरी बार शहजाद की लोकेशन रेलवे स्टेशन के पास ही दिखाई दी थी। सीओ विजय चौधरी ने बताया कि हत्या का सही खुलासा किया गया है, परिजन वादी बदलने की बात कह रहे हैं तो उच्चाधिकारियों से बातचीत कर वादी बदल दिया जाएगा।