शहर के देवी चौक मोहल्ले में रहने वाले सोनू ने 23 अक्तूबर को कोतवाली पर मुकदमा दर्ज कराया था। सोनू ने आरोप लगाया कि उन्होंने भाजपा के जिला मंत्री सतपाल उपाध्याय के पास कमेटी डालकर आठ लाख रुपये इकट्ठे किये थे। उन्होंने बहन की शादी के लिए रुपये मांगे तो उसने देने से इंकार कर दिया।
इसके बाद पिता हीरालाल के बीमार होने पर उपचार कराने के लिए रुपये नहीं दिए। इसके चलते उसके पिता की मौत हो गई। वह अपने पिता का शव लेकर रुपये मांगने पहुंचा तो उन पर पथराव कर दिया गया। इसके बाद शव रखकर लोगों ने भाजपा नेता के घर के बाहर धरना दिया।
इस प्रकरण के बाद भाजपा ने जिला मंत्री को पद से हटा दिया। शुक्रवार को पुलिस ने चेकिंग के दौरान भाजपा के पूर्व जिलामंत्री सतपाल उपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका बेटा नीरज, विशाल और पत्नी कृष्णा फरार है। सीओ हरीश भदौरिया का कहना है कि आरोपी सतपाल उपाध्याय को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
पैठ में दुकानदारों से वसूली करते हुए पकड़ा
भाजपा नेता सतपाल उपाध्याय कई दिन से फरार चल रहा था। उस पर शुक्रवार को यहां लगने वाली साप्ताहिक पैठ में पर्ची काटने का नगर पालिका से ठेका है। शुक्रवार को साप्ताहिक पैठ में पर्ची काटकर रुपये वसूल रहा था। तभी कुछ लोगों ने सतपाल उपाध्याय का फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने भाजपा नेता को साप्ताहिक पैठ से गिरफ्तार कर लिया।