वक्ताओं ने कहा कि यदि प्रेम-विवाह माता-पिता की मर्जी से होगा तो वह मान्य होगा। सर्वोच्च न्यायालय से भी प्रेम-विवाह में सुधार करने की अपील की जाएगी, ताकि बढ़ते प्रेम-विवाह को रोका जा सकें। वहीं बहू-बेटी का सम्मान, नशाखोरी रोकने, सामाजिक बुराई दूर करने, बाल विवाह रोकने, दहेज प्रथा पर रोक लगाने, बच्चों को शिक्षित करने का संकल्प दिलाया गया। इस सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के कई जिलों के साथ ही दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान आदि राज्यों के लोग शामिल हुए।