पूर्व प्रधान ने बताया कि गलती से उसने दरोगा को दीवानजी कह दिया। आरोप लगाया कि दीवानजी कहने पर दरोगा भड़क गये, जिन्होंने उसके साथ पंचायत में अभद्रता की और जबरदस्ती पुलिस की गाड़ी में बैठा लिया, जिसको लेकर ग्रामीणों ने हंगामा किया। उसके बाद ही उसे गाड़ी से उतारकर छोड़ा गया।
पूर्व प्रधान ने एसपी समेत अन्य अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की। साथ ही कार्रवाई नहीं होने पर एसपी कार्यालय पर आत्मदाह करने की चेतावनी दी। इस मामले में थाना प्रभारी साक्षी सिंह का कहना है कि मारपीट और रुपये छीनने का आरोप गलत है। विवाद को निपटाने के लिए पुलिस टीम गई थी। उन पर लगाये गये आरोप गलत है।