सर्विलांस प्रभारी मनोज कुमार चहल ने बताया कि नामजद आरोपियों को पुसार बस स्टैंड से गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त दराती बरामद की गई। पूछताछ में सरगम ने बताया कि वह बिजरौल में था तभी सागर का फोन आया, जिसने पंकज राठी द्वारा गाली गलौच और बदतमीजी करने की बात कहीं उसने पंकज को समझाने के लिए रात में फोन किया तो फोन पंकज के भाई नीरज ने उठाया। नीरज के साथ उसकी कहासुनी हो गई।
वह बिजरौल से दोस्त विशू और कासिमपुर खेड़ी निवासी विशेष को साथ लेकर पंकज राठी के पास पहुंचा। पंकज राठी उसके साथ भी गाली गलौज की तो उसने पास में रखी दराती से गले पर वार कर दिया।
पंकज झोपड़ी से निकलकर भागा तो तीनों ने कुछ ही दूरी पर उसे पकड़ लिया और दराती से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद तीनों वहां से फरार हो गए। सर्विलांस प्रभारी ने बताया कि फरार विशू और विशेष की तलाश में दबिश दी जा रही है, जिसे जल्द गिरफ्तार कर लिया।
पहले दोस्त रहे, गाली-गलौच होते ही बन गये दुश्मन
गांगनौली गांव के मृतक हिस्ट्रीशीटर पंकज राठी उर्फ गोटा और हत्यारोपी सरगम उर्फ सागर एक ही कुटम्ब के है। बताया कि एक लाख के इनामी रहे कुख्यात प्रमोद राठी और सद्दाम की मौत के बाद पंकज राठी उर्फ गोटा, सरगम उर्फ सागर, भूपेंद्र उर्फ भूरा, सागर के बीच गहरी दोस्ती हो गई थी। जो गांव में एक साथ घूमते थे, लेकिन हत्या से कुछ दिन पहले ही गाली-गलौच को लेकर तीनों का आपस में झगड़ा हो गया था। जिसके बाद दोस्ती दुश्मनी में बदल गई और पंकज की हत्या कर दी गई।