राज्यमंत्री के घर को छोड़कर बाकी तोड़े गए चबूतरे।
- फोटो : अमर उजाला
सरकारी बुलडोजर किस तरह अतिक्रमण हटाने के लिए आम लोगों के घरों के आगे चलता है और नेताओं के घरों के आगे थम जाता है। इसका उदाहरण बड़ौत की नई बस्ती में वन विभाग के राज्यमंत्री केपी मलिक के मकान के आगे सड़क पर चबूतरा बनाकर रखा जनरेटर और आसपास के मकानों के तोड़े गए सीढ़ियां व चबूतरे हैं।
अन्य लोगों के घरों के आगे तोड़ा गया अतिक्रमण।
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बड़ौत नगर पालिका प्रशासन ने नई बस्ती में सड़क निर्माण के लिए बुलडोजर चलवाकर मकानों के आगे बनाए गए चबूतरों के साथ ही दरवाजों के सामने से सीढ़ियों को तोड़ा। मगर, पालिका प्रशासन व अन्य अधिकारी राज्यमंत्री केपी मलिक के मकान के बाहर पूरी तरह से सड़क पर बने चबूतरे पर रखे जनरेटर को हटवाने में नाकाम साबित हो गए।
अभी भी अतिक्रमण के रूप में बने चबूतरे पर राज्यमंत्री केपी मलिक का जनरेटर सड़क पर रखा हुआ है। यही नहीं, घर के आगे सजावट के लिए मंत्री ने कई पेड़ भी सड़क पर लगवा दिए जो न छायादार है और न उनका किसी को फायदा हो रहा है। वहां के लोग प्रशासन पर पक्षपात पूर्ण कार्रवाई होने का आरोप तक लगा रहे हैं।
राज्यमंत्री के घर के आगे सड़क पर रखा जेनरेटर और लगाए गए पेड़।
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ये बोले राज्यमंत्री
किसी तरह का कोई अतिक्रमण नहीं कर रखा है। जितना अतिक्रमण था, वह स्वयं हटवा दिया गया था। अगर वहां सड़क निर्माण होगा तो जनरेटर भी पहले हटवा दिया जाएगा। - केपी मलिक, राज्यमंत्री।
ईओ ने ये कहा
नई बस्ती में सड़क निर्माण होना है। इसलिए सड़क पर हुए अतिक्रमण को हटवाया गया है। राज्यमंत्री केपी मलिक के मकान के बाहर सड़क पर रखे जनरेटर व अतिक्रमण को सड़क निर्माण के दौरान हटवा दिया जाएगा। - मनोज रस्तोगी, ईओ बड़ौत