सपा को नहीं मिली सीट
कई दिनों से बड़ौत सीट को सपा के खाते में जाने की संभावना थी। कयास लगाए जा रहे थे कि सपा नेता को रालोद के सिंबल पर चुनाव लड़ाया जाएगा। प्रत्याशी की घोषणा के साथ ही अब साफ हो गया है कि रालोद के खाते में ही सीट रहेगी। रालोद ने तीनों सीटों को अपने खाते में कर लिया है।
रालोद सपा गठबंधन में बड़ौत और छपरौली के प्रत्याशियों को लेकर चल रही खींचतान खत्म करने के लिए रविवार को चौधरी जयंत सिंह ने भावनात्मक दांव खेला। बड़ौत और छपरौली सीट से टिकट के सभी दावेदारों को दिल्ली अपने आवास पर बुलाया और उनके साथ काफी देर तक बातचीत की।
कहा कि प्रत्याशी सोमवार को घोषित किया जाएगा। पार्टी के सभी कार्यकर्ता परिवार की तरह है। इसलिए रालोद-सपा गठबंधन प्रत्याशी को सभी को मिलकर चुनाव लड़ाना है। इसके बाद सोमवार सुबह जारी की लिस्ट में छपरौली से वीरपाल राठी और बड़ौत से जयवीर तोमर को प्रत्याशी घोषित कर दिया।
दोनों ही सीटों पर चल रही थी खींचतान
रालोद-सपा गठबंधन के अधिकतर प्रत्याशी घोषित हो चुके थे। लेकिन छपरौली व बड़ौत सीट के प्रत्याशी को लेकर खींचतान चल रही थी। इन दोनों सीटों पर टिकट के सबसे अधिक दावेदार थे। इसके साथ ही छपरौली सीट पर बाहरी प्रत्याशी को उतारने की चर्चाएं भी शुरू हुई तो लोगों ने शनिवार को कई जगह इस पर विरोध भी जताया।
चौधरी जयंत सिंह के पास तक इसकी जानकारी पहुंची तो उन्होंने बड़ौत और छपरौली सीट से टिकट के सभी दावेदारों की नाराजगी दूर करने को भावनात्मक दांव चला और उनको दिल्ली अपने आवास पर बुलाया।
बड़ौत से डॉ. अजय कुमार, डॉ. अजय तोमर, डॉ. अनुराग मित्तल, सुभाष गुर्जर, संजीव आर्य, जयवीर तोमर, विश्वास चौधरी, अरुण तोमर बॉबी, अश्विनी तोमर, साहब सिंह, प्रमेंद्र तोमर, योगेश जिंदल और छपरौली से वीरपाल राठी, गजेंद्र मुन्ना, डा. कुलदीप उज्ज्वल, धीरज उज्ज्वल, रामकुमार चेयरमैन, सतेंद्र मलिक, संजीव मान, विकास बाछौड़, मास्टर सुरेश राणा भी दिल्ली बुलवाए गए।
चौधरी जयंत सिंह ने सभी से कहा कि पदाधिकारी और कार्यकर्ता पार्टी में परिवार की तरह है, लेकिन केवल एक ही प्रत्याशी हो सकता है। इसलिए जिसको भी प्रत्याशी बनाया जाता है ,उसे सभी को मिलकर चुनाव लड़ाना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे किसी भी दावेदार को टिकट नहीं दिया जा रहा जो कुछ महीने पहले ही पार्टी में आया होगा।